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Water Metro: गंगा पर दौड़ेगी वाटर मेट्रो ,दशहरा से पहले पटना में शुरू होगी नई यात्रा

Updated at : 28 Sep 2025 11:24 AM (IST)
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Water Metro

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Water Metro: गंगा की लहरों पर अब सफर सिर्फ नावों और क्रूज का नहीं होगा. पटना में पहली बार वाटर मेट्रो की सुविधा मिलने जा रही है, जो शहर की परिवहन व्यवस्था को नया चेहरा देगी.

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Water Metro: पटना की जनता और पर्यटकों के लिए बड़ी सौगात जल्द ही मिलने वाली है. भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (IWAI) और बिहार सरकार के करार के बाद दशहरा से पहले वाटर मेट्रो सेवा शुरू करने की तैयारी पूरी हो चुकी है.

शनिवार को कोलकाता से एक इलेक्ट्रिक जहाज गायघाट स्थित जेटी पर पहुंचा, जो इस महत्वाकांक्षी परियोजना का पहला कदम है. गंगा में यह सेवा न केवल आधुनिक शहरी जल परिवहन का अनुभव कराएगी बल्कि पटना की पहचान को भी नया आयाम देगी.

908 करोड़ की योजना से बदलेंगे हालात

वाटर मेट्रो परियोजना को लेकर 20 सितंबर को IWAI और बिहार सरकार के बीच 908 करोड़ रुपये की योजना पर समझौता हुआ था. उद्देश्य है—गंगा के किनारे बसे पटना शहर में आधुनिक टर्मिनल और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी के जरिए परिवहन को सशक्त बनाना. यह व्यवस्था जहां दैनिक यात्रियों को राहत देगी, वहीं प्रदूषण और यात्रा समय को कम करने में भी मदद करेगी.

पहले चरण में वाटर मेट्रो दीघा घाट से कंगन घाट तक परिचालित होगी. करीब 21 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर गांधी घाट, गायघाट और कंगन घाट मुख्य ठहराव होंगे. गांधी घाट और गायघाट पर पहले से जेटी मौजूद है, जबकि कंगन घाट पर फ्लोटिंग जेटी तैयार किया जा रहा है. इस मार्ग से न सिर्फ स्थानीय लोगों की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि गंगा किनारे की गतिविधियों में भी तेजी आएगी.

यात्रियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण

वाटर मेट्रो इलेक्ट्रिक जहाज में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था होगी और 25 लोग खड़े होकर भी सफर कर सकेंगे. इसका डिजाइन इस तरह बनाया गया है कि यह दैनिक यात्रियों के साथ-साथ देशी और विदेशी पर्यटकों के लिए भी आकर्षक हो. गंगा की धार पर सफर करते हुए लोग न सिर्फ तेज और सुविधाजनक परिवहन का अनुभव करेंगे, बल्कि पर्यटन का नया आयाम भी देखेंगे.

वाटर मेट्रो का संचालन बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के हाथों में होगा. इसके लिए कोलकाता से कुल 25 वाटर मेट्रो इलेक्ट्रॉनिक जहाज मंगाए जा रहे हैं. इसी कड़ी में शनिवार को पहला जहाज पटना पहुंचा है. अधिकारियों का मानना है कि यह सेवा गंगा तट पर क्रूज पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ पटना को स्मार्ट शहरी जल परिवहन प्रणाली का मॉडल बना देगी., ट्रैफिक से परेशान यात्रियों को गंगा के जरिए वैकल्पिक और तेज रास्ता मिलेगा.

शहर की पहचान में नया अध्याय

गंगा किनारे बसे पटना की पहचान अब केवल ऐतिहासिक धरोहरों तक सीमित नहीं रहेगी. वाटर मेट्रो के जरिए यह शहर देश में पहली बार आधुनिक जल मेट्रो सेवाओं की श्रेणी में शामिल होगा. खास बात यह है कि यह सेवा पर्यावरण अनुकूल है और शहरी प्रदूषण को कम करने में मदद करेगी. साथ ही, ट्रैफिक से परेशान यात्रियों को गंगा के जरिए वैकल्पिक और तेज रास्ता मिलेगा.

नदी तटों पर जब वाटर मेट्रो की गूंज सुनाई देगी, तो यह केवल एक परिवहन साधन नहीं होगा, बल्कि शहर की बदलती तस्वीर का प्रतीक भी बनेगा. दशहरा से पहले शुरू होने जा रही यह सेवा पटना के लिए गर्व और सुविधा, दोनों लेकर आएगी. अब गंगा सिर्फ धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक नहीं रहेगी, बल्कि आधुनिक शहरी परिवहन की धड़कन भी बनेगी.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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