ePaper

Video: फूल-मालाएं, ढोल-नगाड़े और आतिशबाजियां, UPSC में 58वीं रैंक लाने वाले आदित्य झा का गांव में भव्य स्वागत

Updated at : 23 May 2025 9:35 AM (IST)
विज्ञापन
aditya jha ifs| Aditya Jha, who got 58th rank in UPSC, was given a grand welcome in the village
आदित्य झा की तस्वीर

UPSC Topper 2025: किशनगंज के खानाबाड़ी गांव के आदित्य झा ने UPSC 2024 में 58वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है. इंडियन फॉरेन सर्विस में चयनित होते ही गांव में जश्न का माहौल है और उनका भव्य स्वागत किया गया.

विज्ञापन

UPSC Topper 2025: बिहार के किशनगंज जिले के खानाबाड़ी गांव के आदित्य झा ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2024 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 58वीं रैंक हासिल की है. इस बड़ी उपलब्धि के साथ उनका चयन इंडियन फॉरेन सर्विस (IFS) में हुआ है. गुरुवार देर शाम जब आदित्य अपने पैतृक गांव पहुंचे तो लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. बागडोगरा एयरपोर्ट से लेकर पौआखाली नगर पंचायत तक रास्ते भर आदित्य के स्वागत में फूल-मालाएं, ढोल-नगाड़े और आतिशबाजियां देखने को मिलीं.

https://twitter.com/Abhinan78323281/status/1925756096641155202?t=usuXWVMuxLTOPs-1oXmFig&s=19

IIT की परीक्षा में भी हुए थे सफल

आदित्य के पिता प्रो. विष्णुकांत झा सुशीला हरि महाविद्यालय, तुलसिया में प्रोफेसर हैं, जबकि उनकी मां मधु झा ICDS विभाग में पर्यवेक्षिका के पद पर कार्यरत हैं. आदित्य की शुरुआती पढ़ाई उर्सलाइन कॉन्वेंट, पूर्णिया से हुई. मैट्रिक DAB स्कूल पूर्णिया और इंटर विजेंद्र पब्लिक स्कूल से पूरा किया. वे दो बार IIT की परीक्षा में सफल हुए और फिर IIM धनबाद से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया.

इंजीनियरिंग की नौकरी छोड़ शुरू की तैयारी

उन्होंने बताया कि ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने सैमसंग में तीन साल तक बतौर सीनियर इंजीनियर काम किया. लेकिन अपने सपनों को साकार करने के लिए उन्होंने नौकरी छोड़ दी और UPSC की तैयारी में जुट गए. चौथे प्रयास में उन्होंने ये शानदार सफलता पाई.

माता-पिता को दिया सफलता का श्रेय

आदित्य ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को दिया. उन्होंने कहा, “UPSC की तैयारी में धैर्य और निरंतरता सबसे जरूरी है. बीच में असफलताएं मिलती हैं लेकिन हार नहीं माननी चाहिए.” आदित्य ने यह भी कहा कि युवाओं को शिक्षा को प्राथमिकता देनी चाहिए और बड़े लक्ष्य के लिए लगातार प्रयास करते रहना चाहिए.

Also Read: बिहार के 1.20 लाख शिक्षकों के लिए खुशखबरी! इस दिन से शुरू होगी ट्रांसफर की प्रक्रिया

विज्ञापन
Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन