विकास शुल्क को लेकर अभाविप का हंगामा

Updated at : 05 Jan 2017 6:48 AM (IST)
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विकास शुल्क को लेकर अभाविप का हंगामा

प्रदर्शन कर जताया विरोध नहीं भरा गया फॉर्म हाजीपुर : शहर के देवचंद कॉलेज में अखिल भारतीय विधार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा हंगामा किया गया. यह हंगामा कॉलेज द्वारा लिए जा रहे विकास शुल्क को लेकर हुआ. बुधवार की सुबह से ही एबीवीपी के छात्रों ने कॉलेज में इंटरमीडिएट के फॉर्म भरने आये छात्र-छात्राओं के […]

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प्रदर्शन कर जताया विरोध

नहीं भरा गया फॉर्म
हाजीपुर : शहर के देवचंद कॉलेज में अखिल भारतीय विधार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं द्वारा हंगामा किया गया. यह हंगामा कॉलेज द्वारा लिए जा रहे विकास शुल्क को लेकर हुआ. बुधवार की सुबह से ही एबीवीपी के छात्रों ने कॉलेज में इंटरमीडिएट के फॉर्म भरने आये छात्र-छात्राओं के साथ मिल कर कॉलेज परिसर का दरवाजा बंद कर दिया और महाविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. इससे पहले कॉलेज द्वारा कुछ दिनों पहले उच्चतर माध्यमिक विद्यालय विशनपुर वालाधरी के छात्रों के लिए इंटरमीडिएट का फॉर्म भरने की जानकारी 3 जनवरी से 6 जनवरी बतायी गयी थी.
फॉर्म भरने के लिए कॉलेज सभी छात्रों से ट्यूशन फीस के रूप में 273 रुपये, एनएसएस 10 रुपये, एसडी 2 रुपये, मिस्लेनियस 316 रुपये, सीडीएफ 200 रुपये, परीक्षा शुल्क 1000 रुपये, कॉलेज परीक्षा शुल्क 200 रुपये एवं 10 रुपये अन्य शुल्क के साथ कुल दो हजार 11 रुपये लिया जा रहा है. वही एससी/एसटी के छात्राओं से लिए ट्यूशन फीस नहीं ली जा रही है. इस पूरे मामले पर देवचंद कॉलेज के प्रधानाध्यापक डाॅ तारकेश्वर पंडित ने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा किया जाने वाला हंगामा बिल्कुल गलत है. मैं हमेशा से उनकी बातें सुनने और उनके सुझावों पर अमल करने में विश्वास करता हूं. महाविद्यालय विकास के नाम पर लिए जाने वाले पैसे का काम विकास के लिए किया जाता है. मुझे आये हुए अभी चार महीने हुए है और मैं कॉलेज के विकास काम पर पूरा ध्यान रख रहा हूं. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के अध्यक्ष राजेश कुमार यादव ने कहा कि कॉलेज प्रबंधन द्वारा बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के निर्धारित शुल्क से हजार-हजार रुपये अतिरिक्त लिया जा रहा है. विकास के नाम पर लिए जाने वाले इस शुल्क का प्रयोग कॉलेज के विकास में नहीं किया जा रहा है. बीते वर्ष कॉलेज में किसी प्रकार का विकास कार्य नहीं किया गया. यह प्राचार्य के तानाशाही रवैये को दर्शाता है. कॉलेज में पीने का पानी, साफ-सुथरा शौचालय जैसी कई बुनियादी समस्याएं है जिस पर कोई काम नहीं हुआ, तो बाकी विकास का काम क्या होगा. इस हंगामे में एबीवीपी के सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे.
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