बदहाल.साइकिल व बाइक सवार भी गाड़ी से उत्तर कर पैदल चलने में ही भलाई समझते हैं

Updated at : 02 Mar 2016 12:54 AM (IST)
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बदहाल.साइकिल व बाइक सवार भी गाड़ी से उत्तर कर पैदल चलने में ही भलाई समझते हैं

सड़क नहीं पगडंडी पर चलने की विवशता सड़क और सरकार- तृतीय किश्त यहां सड़क पर चलते हुए हर कदम संभल कर उठाना पड़ता है यहां हम जिले की एक ऐसी सड़क का हाल बयां कर रहे हैं, जिस पर साइकिल और बाइक सवार भी गाड़ी से उत्तर कर पैदल चलने में ही अपनी भलाई समझते […]

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सड़क नहीं पगडंडी पर चलने की विवशता

सड़क और सरकार- तृतीय किश्त
यहां सड़क पर चलते हुए हर कदम संभल कर उठाना पड़ता है
यहां हम जिले की एक ऐसी सड़क का हाल बयां कर रहे हैं, जिस पर साइकिल और बाइक सवार भी गाड़ी से उत्तर कर पैदल चलने में ही अपनी भलाई समझते हैं. सड़कों का निर्माण तो आराम से चलने और सरपट दौड़ने के लिए होता है, लेकिन यहां तो सड़क पर चलते हुए हर कदम संभल कर उठाना पड़ता है.
हाजीपुर : जिले की जर्जर सड़कें विकास की गति ही नहीं, जीवन की रफ्तार भी रोक रही हैं. सड़कों का निर्माण तो आराम से चलने और सरपट दौड़ने के लिए होता है, लेकिन यहां तो सड़क पर चलते हुए हर कदम संभल कर उठाना पड़ता है. यहां हम जिले की एक ऐसी सड़क का हाल बयां कर रहे हैं,
जिस पर साइकिल सवार और बाइक सवार यात्री भी गाड़ी से उत्तर कर पैदल चलने में ही अपनी भलाई समझते हैं. सहदेई प्रखंड क्षेत्र से देसरी प्रखंड मुख्यालय को जाने वाली यह सड़क चलने लायक नहीं है. सहदेई प्रखंड के सहरिया, शेखोपुर, सराय धनेश होते हुए अंधराबढ़ चौक से महनार जाने लिंक रोड में मलंग हाट चौक के निकट मिलने वाली सड़क पर पैदल गुजरना भी आसान नहीं है.
आरडब्ल्यूडी के काम-काज की पोल खोल रही है सड़क : देसरी प्रखंड कार्यालय, थाना और पीएचसी तक पहुंचाने वाला यह पथ लगभग छह किलोमीटर लंबा है. ग्रामीण कार्य विभाग के महनार कार्य प्रमंडल द्वारा इस सड़क का निर्माण शुरू किया गया था. 2014 में ही कार्य पूरा हो जाना था. जानकारी के मुताबिक छह किलोमीटर लंबी सड़क की चार किलोमीटर तक ढलाई करनी थी. स्थिति यह है कि पिछले दो साल से इस पर मेटल बिछा कर छोड़ दिया गया है.
सड़क पर बिछे पत्थर राहगीरों को ठीक से चलने नहीं देते. जमीन पर सड़क का निर्माण भले ही अधूरा हो, लेकिन विभाग ने सूचना पट्ट लगा कर इसे पूर्ण दिखा दिया है. निर्माणाधीन सड़क की लंबाई चार किलोमीटर और पथ निर्माण की राशि, 2, 37,44,654 रुपये बतायी गयी है. सूचना पट्ट में सहरिया तक पक्की सड़क का जिक्र किया गया है.
आदर्श प्रखंड की प्रमुख सड़कों का भी बुरा हाल : जिले के आदर्श प्रखंड सहदेई बुजुर्ग की सूरत बताने के लिए यहां की सड़कें ही काफी हैं. प्रखंड क्षेत्र में अन्य छोटी-छोटी सड़कों की बात तो दूर, मुख्य सड़कें भी बदहाल हैं. हाजीपुर-महनार राजकीय उच्च पथ को हाजीपुर-जंदाहा राष्ट्रीय उच्च पथ से जोड़ने वाली 14 किलोमीटर लंबी सड़क की दुर्दशा देखते बनती है.
क्षेत्र के लोगों ने एनएच 103 और स्टेट हाइवे के बीच की इस महत्वपूर्ण सड़क के जीर्णोद्धार को लेकर आंदोलन का रास्ता भी अख्तियार किया, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला. कुछ ऐसा ही हाल इस क्षेत्र की अन्य सड़कों का भी है. नयागंज चौक से सहदेई ब्लॉक कार्यालय जाने वाली सड़क हो नयागंज से सहदेई बाजार आने वाली सड़क, सब खस्ताहाल हैं.
इन सड़कों की बदहाली कब दूर होगी और कब तक झेलनी होगी राह की दुश्वारियां, क्षेत्र के लोग इस सवाल का जवाब ढूंढ रहे हैं.
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