हाजीपुर : यदि सब कुछ ठीक ठाक रहा तो तीन फरवरी से उत्तर बिहार के लोगों को पटना जाने के लिए हाजीपुर से ट्रेन की सुविधा उपलब्ध होगी. अब लोगों को महात्मा गांधी सेतु जाम का सामना न करना पड़ेगा. हाजीपुर से ट्रेन पकड़ कर सीधे पटना पहुंचेंगे, वह भी पूर्व की तुलना में कम किराया और कम समय में.
उत्तर बिहार को पटना से जोड़ने वाले रेल पुल 15 जनवरी को मालगाड़ी के परिचालन से शुरू हुआ था. इस रेल पुल के चालू होने से उत्तर बिहार के लगभग दो दर्जन जिला के नागरिकों को लाभ मिलेगा और उन्हें राजधानी पटना पहुंचने के लिए कम समय और किराया खर्च करना पड़ेगा.
दो दशकों का लंबा इंतजार : पहलेजा-दीघा रेलपुल के निर्माण में लगभग दो दशक का समय लगा. पूर्व में यह केवल रेल पुल के रूप में बन रहा था, लेकिन बाद में इसे सड़क पुल बनाने की भी योजना बनी और इस कारण एवं भूअर्जन की कुछ परेशानियों के कारण इसके निर्माण में विलंब हुआ लेकिन अब रेलपुल पर मालगाड़ी चलाने के साथ ही रेल पुल चालू हो गया है. सड़क पुल तैयार होने और यातायात चालू होने के लिये नागरिकों को अभी कुछ और प्रतीक्षा करनी होगी.
किसे और क्या होगा लाभ : उत्तर बिहार के वैशाली, सारण, सीवान, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर आदि जिले के नागरिकों को विशेष लाभ होगा. हाजीपुर से पटना रेलवे स्टेशन की सड़क मार्ग से दूरी 16 किलोमीटर के लिए अभी लोगों को टेंपो का किराया 30 रुपये देना पड़ता है जबकि रेल से इसका अधिकतम किराया 10 से 12 रुपये होगा. महात्मा गांधी सेतु मार्ग पर लगनेवाले जाम के कारण 16 किलोमीटर की यह दूरी तय करने में लोगों को अभी दो घंटे से भी ज्यादा समय लग जाता है जबकि ट्रेन से यह दूरी केवल 30 से 40 मिनट में तय की जा सकती है.
गांधी सेतु और हाजीपुर रेलवे स्टेशन पर छंटेगी भीड़ : सवारी गाड़ी का परिचालन चालू हो जाने के बाद उत्तर बिहार के लोगों को अब ट्रेन से हाजीपुर आकर बस या टेंपो पकड़कर पटना जाने के बदले सीधे ट्रेन से पटना जाने का विकल्प उपलब्ध होगा, ऐसी स्थिति में जो लोग पटना जाने के लिए हाजीपुर स्टेशन आते हैं, उनकी संख्या घटेगी. इसके साथ ही गांधी सेतु मार्ग पर भी भीड़ छंटेगी.
टेंपो चालकों की मनमानी पर लगेगी रोक : हाजीपुर रेलवे स्टेशन से पटना रेलवे स्टेशन के बीच चलने वाले ऑटो चालकों की मनमानी से लोग परेशान रहते हैं. इसे देखने वाला कोई नहीं है. एक ही दिन में आपको केवल 16 किलोमीटर की दूरी के लिये कभी 20 तो कभी 25, 30, 35, 40 और 50 रुपये भी देने पड़ते हैं. तीन फरवरी को सवारी गाड़ी का परिचालन शुरू हो जाने पर केवल स्थानीय कुछ लोग ही किसी इमरजेंसी में ऑटो का उपयोग करेंगे, फलत: उनकी मनमानी पर रोक लगेगी.
मुजफ्फरपुर और बरौनी की ओर से आनेवाले दैनिक यात्रियों को होगा लाभ : हाजीपुर-मुजफ्फरपुर और हाजीपुर-बरौनी रेलखंड के दैनिक यात्रियों को क्रमश: 03 और 02 जोड़ी नयी रेल मिल जायेंगी, जिसका समय कार्यालय के समय से रखा गया है. इन पांच जोड़ी ट्रेन से इन मार्गों पर चलने वाले दैनिक यात्रियों को काफी लाभ होगा.