बिदुपुर-कच्ची दरगाह गंगा महासेतु खोलेगा समृद्धि के नये द्वार

Updated at : 30 Jan 2016 8:10 AM (IST)
विज्ञापन
बिदुपुर-कच्ची दरगाह गंगा महासेतु खोलेगा समृद्धि के नये द्वार

महात्मा गांधी सेतु की जर्जर स्थिति के चलते इसके समानांतर एक पुल की जरूरत शिद्दत से महसूस की रही थी. वर्ष 2009 में सरकार ने इस दिशा में प्रयास शुरू कर दिया था और वर्ष 2010-11 में गंगा पर कच्ची दरगाह से बिदुपुर के बीच पुल निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया था. उस वक्त […]

विज्ञापन
महात्मा गांधी सेतु की जर्जर स्थिति के चलते इसके समानांतर एक पुल की जरूरत शिद्दत से महसूस की रही थी. वर्ष 2009 में सरकार ने इस दिशा में प्रयास शुरू कर दिया था और वर्ष 2010-11 में गंगा पर कच्ची दरगाह से बिदुपुर के बीच पुल निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया था. उस वक्त पुल निर्माण पर लगभग 2600 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया था. लेकिन अब जब इसे योजना पर काम शुरू होने जा रहा है, तो इसे पूरा करने में लगभग पांच हजार करोड़ रुपये की लागत का अनुमान लगाया गया है.
उत्तर बिहार के लाखों लोगों और खास कर राघोपुर क्षेत्र की दुरूहमार्गी जनता को उस खुशनुमा पल का बेसब्री से इंतजार है, जब उनकी उम्मीदों की आधारशिला रखी जायेगी. सिर्फ एक दिन का फासला रह गया है, जब जिलावासियों का सपना साकार होने वाला है. बिदुपुर-कच्ची दरगाह गंगा महासेतु निर्माण के लिए रविवार 31 जनवरी को शिलान्यास होने जा रहा है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पुल निर्माण की आधारशिला रखेंगे.
हाजीपुर : वैशाली जिले के लाखों लोगों और खास कर राघोपुर क्षेत्र की दुरूहमार्गी जनता को उस खुशनुमा पल का बेसब्री से इंतजार है, जब उनकी उम्मीदों की आधारशिला रखी जायेगी. आपने सही समझा. हम बिदुपुर-कच्ची दरगाह गंगा महासेतु की ही बात कर रहे हैं. रविवार 31 जनवरी को इस पुल का शिलान्यास होने जा रहा है.
कच्ची दरगाह से बिदुपुर तक पुल का निर्माण शुरू होना, यहां के लोगों के मन की मुराद पूरी होने जैसा है.वर्षों से लोग इस प्रतीक्षा में थे. जिलावासी कहते हैं कि यह उम्मीदों का और विकास की संभावनाओं का सेतु हमारे ख्यालों में तो बहुत पहले से बन रहा था. हम सरकार के शुक्रगुजार हैं कि वह इसे धरातल पर बनाने का काम शुरू कर रही है. लोगों का कहना है कि 31 जनवरी हमारे लिए खास है. क्योंकि यह हमारे सपने को हकीकत में बदलने की शुरुआत का दिन है.
सात साल से चल रहा था समानांतर पुल का प्रयास : गंगा नदी पर गांधी सेतु के समानांतर पुल निर्माण की योजना पर राज्य सरकार ने लगभग सात साल पहले ही विचार -विमर्श शुरू कर दिया था. महात्मा गांधी सेतु की जर्जर स्थिति के चलते इस पुल की जरूरत शिद्दत से महसूस की जाने लगी थी. 2009 में सरकार ने इस दिशा में प्रयास शुरू कर दिया था. 2010-11 में गंगा पर कच्ची दरगाह से बिदुपुर के बीच पुल निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया था.
उस वक्त पुल निर्माण पर 2600 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया था. अब,जब इसे योजना पर काम शुरू होने जा रहा है, तो इसे पूरा करने में लगभग पांच हजार करोड़ रुपये की लागत का अनुमान लगाया गया है.
उत्तर बिहार की समृद्धि के द्वार खोलेगा सेतु : कच्ची दरगाह से बिदुपुर के बीच नये सेतु के निर्माण से नेपाल से लेकर झारखंड तक आवागमन आसान हो जायेगा. पुल बन जाने के बाद उत्तर बिहार के लोगों को विशेष सहूलियत होगी . जानकारों का कहना है कि यह सेतु वैशाली जिला समेत उत्तर बिहार के विकास की संभावनाओं का द्वार खोलेगा. आवागमन की सुविधा के चलते वैशाली, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर आदि जिलों के किसान भी लाभान्वित होंगे .
उत्तर बिहार के कृषि उत्पादों को बाजार उल्पबध होगा, जिससे उनके उत्पाद की अच्छी कीमत भी मिल सकेगी. सेतु निर्माण से बिहार के पटना, नालंदा, मोकामा, बरौनी, बेगुसराय आदि इलाके के लोग लाभान्वित होंगे.
पीपा पुल और नाव के जोखिम से मिलेगी मुक्ति : कच्ची दरगाह-बिदुपुर पुल के राष्ट्रीय उच्चमार्ग से जोड़े जाने की योजना है. एनएच से जुड़ने के कारण इस पुल का अंतरराष्ट्रीय महत्व भी बढ़ जायेगा. बताया जाता है कि यह पुल दक्षिण में एनएच 30 से तथा उत्तर में एनएच 103 से जुड़ेगा.
नौ किलोमीटर से अधिक लंबे इस सिक्स लेन पुल के निर्माण का ठेका कोरिया की कंपनी देवू तथा भारत की कंपनी एलएंडटी को दिया गया है. पुल मार्ग से आसपास के इलाके को जोड़ने के लिए उत्तर और दक्षिण दोनों तरफ एप्रोच रोड बनाये जायेंगे.
हाजीपुर-महनार रोड से पुल को कनेक्ट करने के लिए रैंप सड़क बनायी जायेगी. पुल का सबसे बड़ा फायदा राघोपुर क्षेत्र के लोगों को होगा, जो लंबे समय से नाव और पीपा पुल के सहारे आवागमन की दुश्वारियां झेलते आ रहे हैं. पुल के निर्माण से जिले के हाजीपुर, बिदुपुर, राघोपुर, महनार, देसरी, चकसिकंदर, सहदेई एवं आसपास के सैकड़ों गांवों के लोगों के रोजी-रोजगार में बढ़ोतरी की उम्मीद बतायी जा रही है.
भू-अर्जन पदाधिकारी ने की अधिकारियों के साथ समीक्षा : बिदुपुर. छह लेन वाले प्रस्तावित बिदुपुर-कच्ची दरगाह गंगा पुल को लेकर प्रशासनिक चहलकदमी तेज हो गयी है.
पुल निर्माण में भूमि अधिग्रहण को लेकर जहां प्रशासन पूरा सजग है. पुल निर्माण की आधारशिला को लेकर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी विनोद कुमार शुक्रवार को बिदुपुर प्रखंड पहुंचे. भू-अजर्न पदाधिकारी श्री कुमार ने प्रस्तावित छह लेन वाले पुल को लेकर बीडीओ दुनिया लाल यादव और सीओ संजय कुमार राय के साथ प्रखंड के खानपुर पकड़ी, चकसिकंदर, कल्याणपुर एवं खजवत्ती गांव में ग्रामीणों के साथ बैठक कर सहमति और आपत्ति के निराकरण को लेकर विस्तार से चर्चा की.
डीएम ने समारोह स्थल पर पहुंच कर जायजा लिया : राघोपुर. कच्ची दरगाह-बिदुपुर छह लेन पुल निर्माण को लेकर 31 जनवरी को आधारशिला रखे जाने के कार्यक्रम स्थल का डीएम रचना पाटील ने शुक्रवार को मोहनपुर रेफरल अस्पताल परिसर पहुंच कर तैयारियों का जायजा लिया.
पुल निर्माण को लेकर पूरे राघोपुर विधानसभा क्षेत्र में जगह-जगह होर्डिंग लगाये जा रहे हैं. पुल निर्माण को लेकर पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है. वहीं राजद के बिदुपुर प्रखंड अध्यक्ष राज किशोर यादव ने पुल निर्माण शुभारंभ को लेकर 31 जनवरी को मोहनपुर रेफरल अस्पताल में लाखों की संख्या में जुटने का लोगों से आह्वान किया है. इसके लिए प्रशासनिक तैयारियां जोर-शोर पर हैं.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन