ताजबाज पोखर का होगा सौंदर्यीकरण

Updated at : 17 Jan 2016 2:26 AM (IST)
विज्ञापन
ताजबाज पोखर का होगा सौंदर्यीकरण

नगरवासियों को पोखर की ताजा मछली उपलब्ध करायी जायेगी हाजीपुर : शहर के ऐतिहासिक ताज बाज पोखर के सौंदर्यीकरण की दिशा में कवायद तेज होने से इस धरोहर की सूरत संवरने का भरोसा यकीन में तब्दील होने लगा है. शासन-प्रशासन की ओर से उठाये जा रहे कदम नगरवासियों को यह विश्वास दिलाने लगे हैं कि […]

विज्ञापन

नगरवासियों को पोखर की ताजा मछली उपलब्ध करायी जायेगी

हाजीपुर : शहर के ऐतिहासिक ताज बाज पोखर के सौंदर्यीकरण की दिशा में कवायद तेज होने से इस धरोहर की सूरत संवरने का भरोसा यकीन में तब्दील होने लगा है. शासन-प्रशासन की ओर से उठाये जा रहे कदम नगरवासियों को यह विश्वास दिलाने लगे हैं कि प्राकृतिक सौंदर्य की अद‍्भुत छटा से भरे जिस मनोरम दृश्य की कल्पना उनके मन में वर्षों से बसी है, वह नजर के सामने दिखायी भी पड़ेगा.
मत्स्य विभाग के निदेशक ने नगर पर्षद में की बैठक : राज्य सरकार के मत्स्य विभाग के निदेशक निशात अहमद ने शनिवार को ताज बाज पोखर के सौंदर्यीकरण को लेकर नगर पर्षद के सभापति हैदर अली और उपसभापति निकेत कुमार सिन्हा के साथ बैठक की. नप कार्यालय में हुई बैठक में नगर पार्षद वैद्यनाथ महतो, मो मुसलिम आदि उपस्थित थे. मौके पर विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में एसएनएस कॉलेज के जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष डाॅ सत्येंद्र कुमार मौजूद थे. बैठक में पोखर के सौंदर्यीकरण पर विस्तार से चर्चा की गयी और कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये.
निदेशक ने दिया अतिक्रमण हटाने का निर्देश : बैठक के बाद मत्स्य विभाग के निदेशक श्री अहमद ने पूरी टीम के साथ पोखर का अवलोकन किया. पोखर के चारों तरफ अतिक्रमण को देख निदेशक बिफर पड़े. उन्होंने जिला मत्स्य पदाधिकारी को अतिक्रमित जमीन को अविलंब खाली कराने का निर्देश दिया. नगर पर्षद के सभापति हैदर अली ने बताया कि अतिक्रमण हटाने के बाद पोखर का सीमांकन और उसके किनारे चारों ओर सड़क निर्माण होगा. प्रतिदिन नगरवासियों को पोखर की ताजा मछली उपलब्ध करायी जायेगी.
एक छोटी-सी हुई शुरुआत : हालांकि ताज पोखर की सूरत संवारने की कवायद शुरू हो चुकी है, लेकिन सौंदर्यीकरण की जो योजना है वह कब तक पूरी होगी, यह कहना मुश्किल है. संतोष की बात है कि कुछ काम होता हुआ दिखने लगा है. फिलहाल पोखर के किनारे मिट्टी भराई और सीढ़ी निर्माण का काम चल रहा है. कुल 100 मीटर में सीढ़ियां बनाने की योजना है. 45 मीटर तक यह काम पूरा हो चुका है. डूडा द्वारा कराये जा रहे इस कार्य पर 50 लाख रुपये खर्च किये जा रहे हैं.
पार्क से लेकर पैडल बोट तक की योजना : फूल, पौधों से सजे और रोशनी से नहाते पार्क, पैडल बोट से जल विहार का आनंद, साथ में और भी कई खुशगवार चीजें. यह तसवीर खींची है. नगर पर्षद ने ताज-बाज पोखर के सौंदर्यीकरण को लेकर शहरवासियों के मन में बसे इस ड्रीम प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने का जो वायदा नगर पर्षद ने किया है, उसे पूरा करना उसके लिए चुनौती है. क्योंकि अभी तक इस योजना को वह एक कदम भी आगे नहीं बढ़ा पाया है.
ऐतिहासिक धरोहर है बाग ताज खां का पोखरा : हाजीपुर शहर के गुदरी बाजार के पीछे आज भी एक बड़ा पोखर जो आपका ध्यान
खींचता है, उसके शांत पानी में
हाजीपुर के हजारों साल के इतिहास की परतें जमी हुई हैं. ताज खां का बाग
और ताज खां का पोखरा के नाम से मशहूर यह बड़ा बगीचा और विशाल पोखर 400 और 37 बिगहे के प्लॉट में फैला हुआ था. जानकारों का कहना है कि कभी हाजीपुर के शासक रहे ताज खां की रानी ने इसका निर्माण कराया था. बताया जाता है कि इसके भीतर जो सुरंग थी, वह हाजीपुर से पटना तक निकलती थी.
तालाब के निकट ऊंचे टीले पर ताज खां के परिजनों के कई मजार मौजूद हैं. बदलते समय के साथ ताज का खां का वह बाग कंक्रीट के जंगल में तब्दील हो चुका है और वह विशाल पोखर भी नित्यप्रति सिमटता, सिकुड़ता ही जा रहा है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन