हाजीपुर जेल में कैदी की हत्या मामले में जेलर और वार्डन समेत पांच पुलिसकर्मी सस्पेंड

By Prabhat Khabar Digital Desk
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हाजीपुर : वैशाली जिले की जिला जेल में बंदी की हत्या के बाद जेल आईजी मिथिलेश मिश्रा ने जेलर और वार्डन समेत पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है. वहीं, विपक्षी दलों के नेताओं ने घटना को लेकर चिंता जताते हुए सरकार पर हमला बोला है.

वैशाली जिले की जिला जेल हाजीपुर मंडल कारा में शुक्रवार को एक विचाराधीन कैदी की गोली मार कर हत्या कर दी गयी. उसके बाद हुई झड़प में करीब पांच अन्य बंदी घायल हो गये. घटना की जानकारी मिलने पर जेल आईजी भी मौके पर पहुंच कर मामले की जानकारी ली. जेल आईजी मिथिलेश मिश्रा के मुताबिक, जेल के अंदर हथियार का आना और गोलीबारी से स्पष्ट है कि बड़े स्तर पर लापरवाही हुई है. उन्होंने मामले की जांच के आदेश दे दिये हैं. कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जायेगा. साथ ही जेल आईजी ने कार्रवाई करते हुए जेलर और वार्डन समेत पांच पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है. हाजीपुर जेल में कैदी की गोली मार कर हत्या किये जाने के बाद मंडल कारा पहुंचे जेल आइजी मिथिलेश मिश्र ने माना कि जेल सुरक्षा में चूक के कारण घटना हुई है. उन्होंने कहा कि जेल के अंदर हथियार का आना और गोलीबारी से स्पष्ट है कि बड़े स्तर पर लापरवाही हुई है. उन्होंने मामले की जांच के आदेश दिये हैं. साथ ही कहा है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जायेगा.

हाजीपुर जेल में कैदी की हत्या मामले में जेलर और वार्डन समेत पांच पुलिसकर्मी सस्पेंड

मालूम हो कि घटना की जानकारी मिलने के बाद जिलाधिकारी उदिता सिंह पुलिस अधिकारियों के साथ जेल पहुंच कर मामले की जानकारी ली. जिलाधिकारी ने कहा, 'एक पिस्तौल और कुछ गोलियां मिली हैं. मामले की जांच चल रही है.' वहीं, पुलिस सूत्रों ने बताया कि जिस कैदी की मौत हुई है, उसकी पहचान मनीष के रूप में हुई है. मनीष की उम्र करीब 20 साल है. सूत्रों के अनुसार, सालभर पहले लूट के एक मामले में गिरफ्तार करने के बाद उसे जेल लाया गया था. सूत्रों के मुताबिक, घटना के बाद कैदी उत्तेजित हो गये और फिर जेल में ही झड़प शुरू हो गयी. इसमें पांच कैदी घायल हो गये. सूत्रों ने बताया कि पांचों घायलों को एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किये गये हैं. अधिकारी घायलों का बयान दर्ज करने के लिए डॉक्टरों की मंजूरी की प्रतीक्षा कर रहे हैं, ताकि इसका सुराग मिल पाये कि हथियार जेल में कैसे पहुंचा. हथियार किसने मंगवाया था और किस वजह से यह हमला हुआ था.

बताया जाता है कि सोना लूटकांड का मास्टरमाइंड अनु सिंह के निर्देश पर उसके साथी राजा ने मनीष को गोली मारी है. पुलिस ने जेल के भीतर सर्च अभियान चला कर हत्या में प्रयुक्त पिस्टल को बरामद कर लिया है. साथ ही अनु सिंह और सहयोगी राजा को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. मालूम हो कि मृत कैदी मनीष जयपुर सोना लूट कांड में आरोपित था. सोना लूटकांड का मास्टर माइंड अनु सिंह का सहयोगी राजा आर्म्स एक्ट में जेल आया था. अनु सिंह के निर्देश पर ही राजा ने मनीष कुमार को गोली मार दी है. मालूम हो कि जंदाहा थाने के तेलिया गांव निवासी मनीष पर अपराधियों ने हाजीपुर कोर्ट में 23 मई, 2019 की सुबह पेशी के दौरान अंधाधुंध फायरिंग की थी. कोर्ट परिसर में अपराधियों द्वारा मनीष कुमार पर फायरिंग किये जाने की घटना में दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गये थे. पुलिस सूत्रों के अनुसार घटना का कारण जयपुर समेत कई जगहों से लूटे गये सोने के बंटवारे का विवाद बताया जा रहा है. मारा गया मनीष कुख्यात सोना लुटेरा गिरोह के सरगना राघोपुर निवासी मनीष सिंह का खास गुर्गा था. 16 मार्च, 2019 को कुख्यात मनीष सिंह को उसके गिरोह के तीन गुर्गों के साथ एसटीएफ ने महनार थाने की हसनपुर दक्षिणी पंचायत के बहलोलपुर दियारे में मार गिराया था. उसके पास से दो एके-47, एक राइफल समेत कई हथियार भी बरामद किये गये थे. मनीष सिंह कभी कुख्यात सोना लुटेरा सुबोध सिंह का दाहिना हाथ था.

इस बीच, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतन राम मांझी और आरजेडी प्रवक्ता चितरंजन गगन ने घटना पर चिंता प्रकट की. उन्होंने नीतीश कुमार सरकार पर कानून का उल्लंघन करने वालों के साथ घुटने टेक देने का आरोप लगाया.

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