ePaper

गंवई नाटक से सिनेमा के पर्दे तक का सफर लाया रंग

Updated at : 11 Oct 2019 6:44 AM (IST)
विज्ञापन
गंवई नाटक से सिनेमा के पर्दे तक का सफर लाया रंग

बरौली : गंवई मिट्टी में पलकर अभिनय की दुनिया में पहुंचे सतेंद्र सिंह आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं. बरौली प्रखंड के बतरदेह पंचायत के बतरदेह गांव से निकलकर मायानगरी मुंबई पहुंचे सतेंद्र सिंह को पिछले छह अक्तूबर की रात्रि दादा साहब फाल्के आइकॉन अवार्ड से अन्य भोजपुरी फिल्म के कलाकारों के साथ सम्मानित […]

विज्ञापन

बरौली : गंवई मिट्टी में पलकर अभिनय की दुनिया में पहुंचे सतेंद्र सिंह आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं. बरौली प्रखंड के बतरदेह पंचायत के बतरदेह गांव से निकलकर मायानगरी मुंबई पहुंचे सतेंद्र सिंह को पिछले छह अक्तूबर की रात्रि दादा साहब फाल्के आइकॉन अवार्ड से अन्य भोजपुरी फिल्म के कलाकारों के साथ सम्मानित किया गया.

सत्येंद्र सिंह को भोजपुरी फिल्मों के विकास में विशिष्ट योगदान तथा कर्मठता के लिए इस अवार्ड से नवाजा गया. इसके साथ ही भोजपुरी फिल्मों की नायिका रानी चटर्जी, गीतकार धनंजय मिश्र को भी इस अवार्ड से नवाजा गया. छह अक्तूबर को मुंबई स्थित बांद्रा के रंगश्रद्धा हॉल में समारोहपूर्वक कोरियोग्राफर सरोज खान, गणेश आचार्य तथा राजपाल यादव ने यह अवार्ड दिया.
सत्येंद्र के फिल्मी कैरियर की शुरुआत 1996 में दूरदर्शन पर प्रसारित होनेवाले सीरियल गांव की कहानी तथा सायरन से हुई. इसके बाद बरौली के बाबा प्रोडक्शन के बैनर तले बनी फिल्म ‘नेहिया लगवनी सइयां से’ में बंजारा के किरदार में इनके काम को सराहा गया. इसके बाद सत्येंद्र ने मायानगरी का रुख किया और सफलता की ओर अग्रसर होते गये.
इनकी पवन सिंह के साथ ‘पिया घुंघटा उठइहें धीरे-धीरे’ लावारिस तथा खेसारी लाल के साथ ‘देवरा पर मनवा डोले’ रानी चटर्जी के साथ ‘हमरा दारू ना मेहरारू चाहीं’ फिल्म आई. सत्येंद्र सिंह ने बताया कि इसी फिल्म से प्रभावित होकर बिहार सरकार ने दारू को बैन किया. इससे पहले सत्येंद्र ने ‘बेटा हो तो ऐसा’, डॉक्टर बाबू सहित अन्य कई फिल्मों में काम किया और सफल रहे. अभी सत्येंद्र की ‘घात’ फिल्म रिलीज होने वाली है तथा हम हैं जांबाज एवं दीवाना तेरा मर जायेगा की शूटिंग चल रही है.
यह अवार्ड भोजपुरिया दर्शकों का प्यार है: सत्येंद्र
अवार्ड मिलने के बाद फोन पर सत्येंद्र ने बताया कि यह अवार्ड उनको नहीं, बल्कि सभी भोजपुरिया लोगों को मिला है. भोजपुरिया लोगों का प्यार ही है कि वे आज यहां पहुंचे. उनकी इच्छा है कि भोजपुरी माटी की खुशबू विदेशों में भी महके और दर्शकों का प्यार सदा मिलता रहें.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन