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''जमाने वाले ने मुझे जीना सीखा दिया''

Updated at : 11 Jun 2019 5:40 AM (IST)
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''जमाने वाले ने मुझे जीना सीखा दिया''

पटेढ़ी बेलसर : मिट्टी का ये इंसान कितना बुलंद हो गया, चार पैसे क्या मिला घमंड हो गया, इंसानियत को भूल सब बिखरे पड़े है,मजहबो का अपना-अपना रंग हो गया… जैसी पंक्तियों पर देर रात तक श्रोता झूमते रहे. अवसर था रविवार कीरात सोरहत्था पंचायत में आयोजित हास्य कवि सम्मेलन का. कवि सरफराज अहमद (सोरहथ्वी) […]

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पटेढ़ी बेलसर : मिट्टी का ये इंसान कितना बुलंद हो गया, चार पैसे क्या मिला घमंड हो गया, इंसानियत को भूल सब बिखरे पड़े है,मजहबो का अपना-अपना रंग हो गया… जैसी पंक्तियों पर देर रात तक श्रोता झूमते रहे. अवसर था रविवार कीरात सोरहत्था पंचायत में आयोजित हास्य कवि सम्मेलन का. कवि सरफराज अहमद (सोरहथ्वी) की पंक्तियों पर श्रोताओं ने खूब तालियां बजायी.

उत्तरप्रदेश से आये कवि अमीर हमजा ने माहौल को हल्का करते हुए कहा कि जमाने वाले ने मुझे जीना सीखा दिया, आंखों में लेकर आंसू मुस्कुराना सीखा दिया, शांति से एक महफिल में थे हम दोनों, डीजे वालो ने मुझे सलमान उसे कैटरीना बना दिया… पंक्ति पर लोगों ने खूब ठहाके लगाये. प्रेम रस के कवि नागेंद्र मणि ने लगा तो सकता था आग पानी में, अपना भी नाम होता मोदी और अंबानी में, आदमी मैं भी बड़ा हो सकता था, प्यार का चस्का न लगता जवानी में.
इसके अलावा बनारस से आयी कवयित्री सरस्वती सिंह सारस, केशव कौशिक, गौतम कुमार, कुमार सागर ने भी अपनी कविता, गजल और हास्य व्यंग्य से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. कवि सम्मेलन का उद्घाटन विधायक राजकिशोर सिंह एवं मुखिया इंदु देवी ने किया. इसमें बालेंद्र सहनी, पूर्व प्रधानाध्यापक श्याम प्रसाद, शिक्षक सुरेश कुमार,राजू कुमार, अविनाश सहनी ने बढ़ चढ़कर भाग लिया.
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