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बाजार में पेयजल संकट से लोगों को परेशानी

Updated at : 19 Mar 2019 5:51 AM (IST)
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बाजार में पेयजल संकट से लोगों को परेशानी

देसरी : प्रखंड क्षेत्र के देसरी बाजार में पीने के पानी का कोई इंतजाम नहीं है. एक भी सार्वजनिक चापाकल नहीं रहने के कारण बाजार आने-जाने वाले लोगों के अलावा दुकानदारों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ता है. देसरी बाजार में लगभग तीन सौ छोटी-बड़ी दुकानें और ग्रामीण बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, स्टेट बैंक […]

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देसरी : प्रखंड क्षेत्र के देसरी बाजार में पीने के पानी का कोई इंतजाम नहीं है. एक भी सार्वजनिक चापाकल नहीं रहने के कारण बाजार आने-जाने वाले लोगों के अलावा दुकानदारों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ता है. देसरी बाजार में लगभग तीन सौ छोटी-बड़ी दुकानें और ग्रामीण बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, स्टेट बैंक की शाखा, प्रखंड कार्यालय थाना समेत अन्य सरकारी-गैरसरकारी प्रतिष्ठान स्थित हैं.

हजारों लोग प्रतिदिन देसरी बाजार आते हैं. बड़ी संख्या में महिलाएं कपड़े व अन्य चीजों की खरीदारी के लिए रोजाना बाजार आती हैं. बाजार आने के बाद प्यास लगने पर लोग चापाकल खोजने लगते हैं, लेकिन उन्हें कहीं कोई चापाकल नजर नहीं आता.
बाजार के कुछ होटलों में कम गहराई पर लगे हुए चापाकल हैं, जिनसे दूषित व आर्सेनिक युक्त पानी निकलता है. मजबूरन लोगों को दूषित पानी से ही प्यास बुझानी पड़ती है. कुछ लोग डिब्बाबंद पानी खरीद कर पीते हैं. बाजार में सार्वजनिक शौचालय नहीं रहने के कारण लोगों को परेशानी होती है.
खास कर महिलाओं को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. उत्तर भारत का पहला निर्मल प्रखंड देसरी, जिसके बाजार में एक भी सार्वजनिक शौचालय नहीं है. एक अदद चापाकल भी नहीं. फिर भी यह निर्मल प्रखंड घोषित हो चुका है.
1984 में स्थापित हुआ था जलापूर्ति केंद्र
लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ने देसरी बाजार में 1984 में 20 लाख की लागत से जलापूर्ति केंद्र स्थापित किया था. तब पूरे बाजार में पाइप लाइन बिछा कर नल से पानी की आपूर्ति की जाती थी. कुछ वर्षों तक चलने के बाद जलापूर्ति केंद्र बंद हो गया.
कारगर कदम नहीं उठाया गया
बंद पड़े जलापूर्ति केंद्र को चालू करवाने के लिए कई बार स्थानीय जन प्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों से गुहार लगायी, लेकिन इस दिशा में कहीं से कोई कदम नहीं उठाया गया.
दिलीप सिंह, मुखिया
क्या कहते हैं लोग
देसरी प्रखंड के अलावा जंदाहा, सहदेई, राजापाकड़ प्रखंड क्षेत्र व बिदुपुर प्रखंड के खरिका गांव के लोग विभिन्न कार्यों से देसरी बाजार आते हैं. बाजार में जलापूर्ति केंद्र का चालू नहीं होना विभाग की लापरवाही है.
अरविंद डिसिल्वा, उफरौल
इलाके का महत्वपूर्ण बाजार देसरी है, जहां एक भी सार्वजनिक शौचालय नहीं हैं. सरकार खुले में शौच से मुक्ति का अभियान चला रही है. इधर आदर्श प्रखंड के बाजार में शौचालय का निर्माण नहीं हो पा रहा है.
प्रवीण राय, धर्मपुर रामराय
एक समय था जब वैशाली जिले के पूर्वी व उत्तरी भाग के अलावे मुजफ्फरपुर जिले के लोग देसरी बाजार की खाद्यान्न मंडी में खरीदारी करने आते थे. बैल गाड़ी से सामान भेजे जाते थे.
संजय राय, उफरौल
गर्मी की आहट शुरू हो गयी है. ऐसे में सरकार को अविलंब जलापूर्ति केंद्र चालू करवा देना चाहिए, ताकि लोग शुद्ध पेयजल से प्यास बुझा सके.
लोकनाथ राय, रामपुर किचनी
क्या कहते हैं चिकित्सक
आर्सेनिक युक्त पानी पीने की वजह से लोग पेट की बीमारी के अलावे अन्य गंभीर रोगों की चपेट में आ रहे हैं. पेट में हमेशा दर्द रहना, गैस बनना, खाना नहीं हजम होना, सीने में दर्द, शरीर में आलस, भूख नहीं लगने आदि के लक्षण मिले तो चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिये.
डॉ विद्यापति
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