सात महीनों में करोड़ो का सामान जब्त
Updated at : 20 Aug 2017 7:58 AM (IST)
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हाजीपुर : भारतीय रेल जहां लाखों की संख्या में यात्रियों को रोजाना एक से दूसरे शहरों एवं स्थानों का सफर कराता है. वहीं ट्रेनों में बुक किये जाने वाले पार्सल भी रेलवे के आय का बहुत बड़ा स्रोत है. मगर पिछले सात माह में अगर नजर डालें तो तस्करी करने वालों के लिए रेलवे सेफ […]
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हाजीपुर : भारतीय रेल जहां लाखों की संख्या में यात्रियों को रोजाना एक से दूसरे शहरों एवं स्थानों का सफर कराता है. वहीं ट्रेनों में बुक किये जाने वाले पार्सल भी रेलवे के आय का बहुत बड़ा स्रोत है. मगर पिछले सात माह में अगर नजर डालें तो तस्करी करने वालों के लिए रेलवे सेफ जोन बन गया है. बता दें कि छापेमारी के दौरान पुलिस प्रशासन ने करोड़ों के तस्करी के सामान को जब्त किया गया है.
सामान ट्रेन में पार्सल के लिए बुक हुआ है, उसमें क्या है और कहां से आया है. बस उस सामान को बुक कर बुकिंग कराने वाले व्यक्ति को पावती रसीद थमा दिया जाता है. इस प्रकार बड़ी आसानी से तस्करी करने वाले लोग ट्रेनों में सामान बुक कर एक जगह से दूसरी जगह पहुंचा देते हैं. हालांकि पिछले सात माह में पटना कस्टम की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की और आरपीएफ और कस्टम विभाग की टीम ने संयुक्त छापेमारी कर तस्करी के लिये ले जा रहे करोड़ों का सामान जब्त किया है. मगर अब तक रेलवे द्वारा तस्करी के लिये ले जा रहे लो पर नकेल कसने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाये जा सके हैं.
कब-कब हुई छापेमारी
27 फरवरी को कस्टम की टीम और आरपीएफ की टीम ने संयुक्त छापेमारी कर न्यू जलपाइगुडी एक्सप्रेस से 120 किलो गांजा बरामद किया.
28 फरवरी को न्यू जलपायीगुड़ी एक्सप्रेस से जीआरपी पुलिस ने दो लाख का गांजा बरामद किया
आठ अप्रैल को न्यू जलपाइगुडी एक्सप्रेस से 50 लाख का चाइनीज सिगरेट जब्त किया था.
27 जून को पटना कस्टम टीम और आरपीएफ की टीम ने संयुक्त छापेमरी कर न्यू जलपाइगुडी एक्सप्रेस से 32 लाख का सिगरेट बरामद किया था.
25 जुलाई को पटना कस्टम टीम और आरपीएफ की टीम ने संयुक्त छापेमरी कर राजधानी अप ट्रेन की पार्सल बोगी से 15 क्विंटल इलाइची बरामद किया था.
5 अगस्त को पटना कस्टम टीम और आरपीएफ की टीम ने संयुक्त छापेमारी कर राजधानी एक्सप्रेस के पार्सल बोगी से तस्करी के लिए ले जा रहे 30 बैग में रखे 1470 केजी इलाइची एवं 6 बैग में रखे 152 केजी जूता बरामद किया था.
क्या कहते है अधिकारी
ट्रेनों में बुकिंग के लिये लाये गये सामान को खोल कर नहीं देखा जाता है कि उसमें क्या है. समान का वजन कर समान की बुकिंग कर उसकी राशि लेकर पार्सल रवाना बिल पर उक्त व्यक्ति से एक लिखित सूचना प्राप्त की जाती है कि पार्सल के लिये लाया गया सामान क्या है और उक्त व्यक्ति से हतस्क्षार लेकर सामान को बुक कर दिया जाता है. हलांकि कि कभी अगर शक होता है की बुकिंग के लिये समान में कुछ और है,तो उसे खोल कर भी देखा जाता है.
अखिलेश कुमार मिश्रा,मुख्य वाणिज्य लिपिक,हाजीपुर
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