कर को ले असमंजस में मध्यम व छोटे व्यापारी

By Prabhat Khabar Digital Desk
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जीएसटी. कार्यशाला में व्यवसायियों ने किये कई सवाल, कहा- जल्दबाजी में आया कानून

हाजीपुर : वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लेकर जिले के स्वर्ण व्यवसायियों की कार्यशाला का आयोजन हुआ. वाणिज्य कर उपायुक्त गोपीचंद सिंह ने जीएसटी के बारे में व्यवसायियों को विस्तार से बताया कि यह नयी कर प्रणाली क्रेता और विक्रेता दोनों के हित में है. जीएसटी के माध्यम से सोना-चांदी व्यवसाय पर तीन प्रतिशत टैक्स लगाया गया है. कार्यक्रम में स्वर्ण व्यवसायियों ने जीएसटी को लेकर कई सवाल किये. व्यवसायियों ने कहा कि जीएसटी जल्दबाजी में लाया गया कानून है.
नोटबंदी के कारण बाजार पहले से ही बिगड़ा हुआ है. ऐसे में नोटबंदी के बाद इसे जिस जल्दबाजी में लागू किया गया है, उससे बाजार अस्त-व्यस्त हो गया है. जीएसटी के बाद स्वर्ण आभूषण महंगा हो गया है. स्वर्ण व्यवसायियों का कहना था कि देशहित में हम जीएसटी का स्वागत करते हैं, लेकिन मध्यम और छोटे व्यापारी जीएसटी को लेकर असमंजस में हैं. ऐसा लग रहा है कि सरकार छोटे व्यापार को बंद कर देना चाहती है. इस कानून से चार्टर्ड एकाउंटेन्ट और अधिवक्ताओं की भूमिका अहम हो गयी है.
सरकार अब इनके यहां व्यापारियों को चक्कर लगाने को मजबूर कर रही है. व्यवसायियों ने सवाल किया कि एक साल में 37 बार रिटर्न दाखिल करेंगे, तो व्यवसाय कैसे चलायेंगे. कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला स्वर्णकार संघ के अध्यक्ष कृष्णा भगवान सोनी ने की. संचालन राजू साह ने किया. कार्यक्रम में जगदीश प्रसाद, शंभु प्रसाद, महेश प्रसाद साह, सुप्पन साह, वीरेंद्र प्रसाद, प्रमोद कुमार, पप्पू साह, राजेश कुमार, अमल किशोर साह, प्रमोद खत्री, विजय साह, रवींद्र कुमार, श्याम साह, रामाशंकर साह, शशि भूषण चौधरी समेत अन्य व्यवसायियों ने अपनी बातें रखीं. लोगों के सवालों का जवाब देते हुए वाणिज्य कर विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जीएसटी में टैक्स प्रक्रिया जटिल नहीं, बल्कि पहले से आसान बना दी गयी है. अब हर काम ऑनलाइन होगा और व्यवसायियों को कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा. आप घर बैठे टैक्स का पेमेंट भी कर सकते हैं.
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