जनसंख्या कानून पर बिहार भाजपा में दो सुर, तारकिशोर से अलग राय रखते हैं मंगल पांडेय

जनसंख्या कानून को लेकर बिहार भाजपा में दो राय सामने आ रही है. एक ओर जहां उपमुख्यमंत्री तारकिशोर कह रहे हैं कि जरुरत पड़ने पर बिहार में भी यूपी की तरह कानून बनाया जायेगा, वही स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय का कहना है कि बालिका शिक्षा से जनसंख्या पर नियंत्रण संभव है.
कटिहार. जनसंख्या कानून को लेकर बिहार भाजपा में दो राय सामने आ रही है. एक ओर जहां उपमुख्यमंत्री तारकिशोर कह रहे हैं कि जरुरत पड़ने पर बिहार में भी यूपी की तरह कानून बनाया जायेगा, वही स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय का कहना है कि बालिका शिक्षा से जनसंख्या पर नियंत्रण संभव है. इसी बीच भाजपा नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने एनडीए के घटक दलों से जनसंख्या कानून पर सार्वजनिक रूप से बयान देने से पहले गंभीरता से विचार करने को कहा है.
बुधवार को कटिहार में आयोजित एक कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने यूपी सरकार के जनसंख्या नियंत्रण को लेकर आये कानून की प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि देश में हर चीज सीमित है. इसको देखते हुए लोगों को जनसंख्या नियंत्रण पर खुद सोचने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो यूपी के तर्ज पर बिहार में भी राज्य सरकार जनसंख्या नियंत्रण को लेकर कानून पर कदम उठा सकती है.
जनसंख्या नियंत्रण को लेकर दो बच्चों की नीति की जगह स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बालिका शिक्षा नीति पर मुहर लगा दी. उन्होंने बताया कि लड़कियों की शिक्षा से ही आबादी पर नियंत्रण पाया जा सकता है. मुख्यमंत्री द्वारा बालिका शिक्षा और प्रजनन दर को लेकर सर्वे कराया गया था. इसमें पाया गया था कि बिहार में इंटर और स्नातक पास करनेवाली महिलाओं का प्रजनन दर राष्ट्रीय स्तर से भी कम है.
विश्व जनसंख्या दिवस समारोह को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि बिहार में इंटरमीडिएट पास महिलाओं का प्रजनन दर 1.7 है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं का प्रजनन दर बिहार से अधिक 1.8 है. इसी प्रकार बिहार की स्नातक पास महिलाओं का प्रजनन दर 1.6 है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं का प्रजनन दर 1.7 है. यह एक सूत्र है जिसके आधार पर मुख्यमंत्री ने राज्य में महिला शिक्षा का व्यापक प्रचार प्रसार की दिशा में कदम उठाया है.
भाजपा राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने ट्वीट कर कहा है कि भारत बड़ी आबादी वाला देश है. इसलिए इस मुद्दे पर वैधानिक, प्रशासनिक और अकादमिक स्तर पर भी लगातार विमर्श चलता रहा है. विश्व हिंदू परिषद ने एक बच्चे की नीति का विरोध किया है. कुछ संंगठनों की राय अलग है. इस पर एनडीए के घटक दलों को सार्वजनिक बयानबाजी नहीं करनी चाहिए, बल्कि मिल -बैठ कर यह विचार करना चाहिए कि विकास की गति बढ़ाने के लिए आबादी को कैसे नियंत्रित किया जाए और कैसे उसका उपयोग संसाधन के रूप में किया जाये.
हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (से) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने जनसंख्या नियंत्रण पर सीएम नीतीश कुमार का समर्थन किया है़ मांझी का कहना है कि जनसंख्या नियंत्रण को लेकर हम सीएम के बयान एवं उपायों का स्वागत करते है़ं
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार जन विरोधी है. महंगाई के कारण आम लोगों का जीवन दूभर हो गया है. केंद्र को बढ़ती महंगाई पर जवाब देना चाहिए. तेजस्वी ने दो टूक कहा कि जनसंख्या नियंत्रण से बड़ा मुद्दा महंगाई और भ्रष्टाचार है.
Posted by Ashish Jha
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By Prabhat Khabar News Desk
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