बीमार पड़ने पर कहां जायेंगे मंदिर या अस्पताल ? राम मंदिर को लेकर तेजस्वी यादव ने पूछे ये सवाल
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 04 Jan 2024 9:45 AM
पूर्व सांसद रामदेव भंडारी की प्रतिमा के अनावरण के मौके पर जनसभा को किया संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा- बीमार पड़ने पर मंदिर नहीं अस्पताल जाना पड़ता है मन्दिर नहीं
बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने अयोध्या में 22 जनवरी 2024 को होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमतिशाह पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा राम मंदिर के बहाने अपनी और पीएम मोदी की मार्केटिंग कर रही है. बुधवार को मधुबनी के झंझारपुर में वे पूर्व सांसद रामदेव भंडारी की प्रतिमा का अनावरण के अवसर पर उन्होंने अपने संबोधन के दौरान केंद्र सरकार पर भड़कते हुए ये बातें कही. उन्होंने आगे कहा उपस्थित लोगों से कहा कि पीएम मोदी व अमित शाह की नहीं, मुद्दे की बात कीजिए. तभी देश व सूबे का चहुंमुखी विकास होगा. मीडिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राम का दर्जा दे दिया है. यह किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है.
24 मिनट के अपने संबोधन में पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि श्रीराम भगवान हैं. भगवान श्रीराम अपनी प्रजा को खुश देखना चाहते थे. उन्होंने कहा कि लोगों को खुशियां गरीबी दूर करने व रोजगार देने से मिलती है. शिक्षा व स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार करने से सूबे का चहुंमुखी विकास होगा. इसका लाभ यहां के आमलोगों को मिलेगा. उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि अगर आप बीमार होते हैं तो कहां जाते हैं. मंदिर या अस्पताल. उन्होंने कहा कि हम मंदिर विरोधी नहीं हैं. मेरी मां छठ उस समय से करती हैं जब मोदी जी को छठ का ज्ञान भी नहीं था.
उन्होंने कहा कि जब दूध के दांत थे तभी से रामदेव बाबू को देखते आये हैं. वे बिहार या अन्य राज्य में आयोजित पार्टी कार्यक्रम में अनिवार्य रूप से शामिल होते थे. वे पार्टी के सच्चे सिपाही थे. उनके निधन पर वह नहीं आ पाये थे. उसी की भरपाई के लिए आये हैं. यादव ने कहा कि स्व रामदेव बाबू के बताये रास्ते पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी. वे सामाजिक न्याय के पुरोधा थे. उन्होंने कहा कि संविधान खतरे में है. लोकतंत्र की हत्या हो रही है. जब लोकतंत्र की रक्षा व रोजगार की बात करते हैं, तो सीबीआइ व इडी को भेज दिया जाता है.
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हमारी लड़ाई नरेंद्र मोदी और अमित साह से नहीं है. मेरी लड़ाई मुद्दा से है. उन्होंने कहा कि मेरी असली दुश्मनी बेरोजगारी, महंगाई, फरेबी व झूठ से है. महागठबंधन लोगों को सामाजिक और आर्थिक न्याय दिलाना चाहता है. 1932 के बाद किसी भी राज्य में जाति आधारित गणना नहीं करायी गयी. बिहार पहला राज्य है जहां जाति आधारित गणना की गयी है. गणना की गयी है कि कौन भीख मांगता है, कौन भूमिहीन है और कौन बेरोजगार है. सामंतवादी व पूंजीपति देश में विद्वेष फैलाना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि भूमिहीन को जमीन खरीदने के लिए 1 लाख रुपए दिये जा रहे हैं. उन्हें पक्का भवन नहीं है उन्हें 1 लाख 20 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है. बेरोजगारों को आर्थिक मदद दी जा रही है.
यादव ने कहा कि दो लाख और सवा लाख शिक्षकों को नियुक्ति पत्र जारी किया गया है. पुलिस डिपार्टमेंट में भी 70 हजार की बहाली हुई है. वहीं स्वास्थ्य विभाग में 1 लाख 50 हजार लोगों को बहाल करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. वर्ष 2025 तक 5 लाख से अधिक बेरोजगारों को नौकरी दी जाएगी. रीगा चीनी मिल को चालू करने और किसानों का कर्ज माफ करने की बात हो रही है. हेलीकॉप्टर से सभा स्थल पर वे 1 बजकर 28 मिनट पर पहुंचे. जहां उन्हें गार्ड आफ ऑनर दिया गया.
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