भारत-नेपाल सीमा के 30 गांव बनेंगे वाइब्रेंट विलेज, हर पंचायत में 3 करोड़ से होंगे विकास कार्य
फोटो कैप्शन - बैठक करते वीरपुर एसडीएम नीरज कुमार | Prabhat Khabar Network
Supaul News: भारत-नेपाल सीमा से सटे सुपौल जिले के 30 गांवों को वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत विकसित किया जाएगा. केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना से सीमावर्ती गांवों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे. प्रत्येक पंचायत में 3 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य किए जाएंगे.
Supaul News: भारत-नेपाल सीमा से सटे गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत सुपौल जिले के 30 गांवों का चयन किया गया है. इनमें 27 गांव बसंतपुर प्रखंड और तीन गांव निर्मली प्रखंड के शामिल हैं. चयनित गांवों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ रोजगार और आजीविका बढ़ाने वाली योजनाओं को भी लागू किया जाएगा. इसको लेकर गुरुवार को बसंतपुर प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित टीसीपी भवन में प्रखंड स्तरीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई.
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बसंतपुर और निर्मली के 30 गांवों का होगा विकास
बैठक को संबोधित करते हुए वीरपुर के अनुमंडल पदाधिकारी नीरज कुमार ने बताया कि चयनित सभी गांवों का आवश्यक डाटा पहले ही तैयार किया जा चुका है. अब विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर विकास योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि किसी भी परियोजना के क्रियान्वयन में बाधा न आए.
उन्होंने कहा कि वाइब्रेंट विलेज योजना का उद्देश्य भारत-नेपाल सीमा से सटे गांवों को आधारभूत सुविधाओं से सशक्त बनाना और स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सुधार करना है.
हर पंचायत में तीन करोड़ रुपये से होंगे विकास कार्य
बैठक में विकास योजनाओं के लिए आवश्यक नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) समेत अन्य प्रक्रियाओं की समीक्षा की गई. अधिकारियों ने योजनाओं का समय पर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया.
एसडीएम ने बताया कि चयनित प्रत्येक पंचायत में करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से सड़क, बिजली, नाला और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जाएगा. इससे सीमावर्ती गांवों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मदद मिलेगी.
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Supaul News: महिलाओं और युवाओं को मिलेगा रोजगार
योजना के तहत ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मत्स्य पालन, बकरी पालन, सूअर पालन, मुर्गी पालन और अन्य पशुपालन गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा. महिलाओं के लिए सिलाई प्रशिक्षण, मशरूम उत्पादन और मखाना उत्पादन जैसी आजीविका आधारित योजनाएं भी संचालित की जाएंगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने की समीक्षा
बैठक में बसंतपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी सुजीत कुमार मिश्रा, अंचलाधिकारी ब्रजेश कुमार सिंह, बीसीओ रोशन कुमार सिंह सहित विभिन्न पंचायतों के जनप्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे. बैठक के दौरान चयनित गांवों में प्रस्तावित विकास कार्यों और उनके समयबद्ध क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई.
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