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Supaul News : 108 करोड़ की लागत से एशिया का दूसरा सबसे बड़ा फिजिकल मॉडलिंग सेंटर बनकर तैयार, अब उद्घाटन का इंतजार

Updated at : 09 Jun 2024 6:23 PM (IST)
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फिजिकल मॉडलिंग सेंटर, सुपौल.

फिजिकल मॉडलिंग सेंटर, सुपौल.

फिजिकल मॉडलिंग सेंटर में उत्तर व पूर्वी भारत की विभिन्न नदियों के पानी की स्टडी होगी. कोसी में निकलने वाले बालू की समस्या पर भी शोध किया जायेगा. पहले स्टडी व शोध के लिए रिकॉर्ड पुणे भेजा जाता था.

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Supaul News : प्रमोद कुमार, वीरपुर. 108 करोड़ की लागत से एशिया का दूसरा सबसे बड़ा फिजिकल मॉडलिंग सेंटर बनकर तैयार हो गया हैं. अब इसके उद्घाटन का इंतजार हैं. उद्घाटन के बाद यहां नदी के प्रवाह में हुए बदलाव की स्टडी की जायेगी. पहले कोसी के सभी प्रकार के रिसर्च के लिए रिकॉर्ड पुणे भेजा जाता था. नदी के प्रवाह का अध्ययन कर उसकी प्रकृति में बदलाव लाया जा सकता है. प्रवाह की दिशा में बदलाव लाकर तटबंध पर होने वाले दबाव को कम किया जा सकता है. कोसी नदी की सबसे बड़ी समस्या गाद और बालू की है. फिजिकल मॉडलिंग सेंटर के नियमित कार्य शुरू होने के बाद जहां एक ओर उत्तर और पूर्वी भारत की विभिन्न नदियों के पानी की स्टडी की जायेगी. वहीं कोसी में निकलने वाले बालू की समस्या पर भी शोध किया जायेगा.

कोसी में प्रति वर्ष 90 मिलियन टन आता है बालू

कोसी नदी के जानकारों की मानें तो कोसी नदी में प्रत्येक वर्ष 90 मिलियन टन बालू आता है. यही गाद और बालू प्रत्येक वर्ष नदी की धारा को प्रभावित करती है और तटबंध पर इसका व्यापक असर पड़ता है. हालांकि मॉडलिंग रिसर्च सेंटर में अभी बालू पर कार्य होने की चर्चा नहीं है. बाद में बालू के रिसर्च पर भी कार्य किया जा सकता है, जो भविष्य में मील का पत्थर साबित होगा. हर वर्ष कोसी नदी के ततबंधों की सुरक्षा और बालू की सफाई के लिए 200 से 300 करोड़ तक खर्च किये जाते हैं. इतना ही नहीं कोसी की मुख्य नहरों में यही पानी जब पहुंचता हैं तो नहर में पानी के साथ साथ बालू भी पहुंचता हैं. यह बालू नहर के बेड लेवल से पांच से छह फीट ऊपर चला जाता है. इससे नहर में व्यापक पैमाने पर जलप्रवाह नहीं हो पाता और लाखों हेक्टेयर फसल के पटवन में परेशानी होती है.

26 अगस्त 2020 को वीसी के माध्यम से सीएम ने किया था शिलान्यास

सुपौल में सीएम नीतीश कुमार ने लगभग चार साल पूर्व 26 अगस्त 2020 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से फिजिकल मॉडलिंग सेंट्रल का शिलान्यास किया था. तत्कालीन जल संसाधन मंत्री संजय झा ने 10 सितंबर 2020 को विधि पूर्वक इसका भूमिपूजन किया था. भूमि पूजन के दौरान मंत्री के साथ साथ क्षेत्रीय विधायक नीरज कुमार सिंह बबलू भी आसान पर विराजमान हुए थे और अपने हाथों से भूमि पूजन कर कार्यस्थल पर एक ईंट जोड़कर निर्माण कार्य का प्रारंभ किया था. इस दौरान तत्कालीन चीफ इंजीनियर प्रकाश दास के अलावा विभागीय अभियंता भी मौजूद थे. मंत्री संजय झा, क्षेत्रीय विधायक नीरज कुमार सिंह बबलू व अन्य लोगो ने पास ही बने शिलापट्ट का भी अनावरण किया था.

चेवरॉक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने किया कार्य

फिजिकल मॉडलिंग सेंटर की निर्माण कंपनी चेवरॉक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के एमडी पवन कुमार सिंह ने बताया कि निर्माण कार्य को तीन माह पहले ही पूरा कर लिया गया हैं. उद्घाटन की तिथि का निर्धारण अब तक नहीं हुआ है. विभागीय मानक और कार्य की गुणवता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया गया है. निर्माण के दौरान विभाग के स्थानीय अभियंताओं ने समय-समय पर निरीक्षण किया है. वहीं जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव और मंत्री भी कार्य का निरीक्षण करते रहे हैं.

कहते हैं चीफ इंजीनियर

क्षेत्र व विभाग के लिए अति महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट फिजिकल मॉडलिंग सेंटर का ढांचा पूरी तरह बनकर तैयार हो गया है. क्योंकि रिसर्च सेंटर है, इसलिए आंतरिक संसाधन भी जरूरी हैं. संसाधन अभी पूरी तरह नहीं लगे हैं. आचार संहिता के कारण उद्घाटन की तिथि का निर्धारण नहीं हुआ था. उद्घाटन के लिए जैसे ही समय और तिथि तय होगी, सूचना दे दी जायेगी.
-मनोज रमन, जल निस्सरण व बाढ़ नियंत्रण के चीफ इंजीनियर

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Sugam

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Sugam is a contributor at Prabhat Khabar.

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