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प्रतिस्पर्धात्मक युग में बहुआयामी दक्षता ही सफलता की है कुंजी: प्रो डॉ संदीप तिवारी

Updated at : 29 Jul 2025 6:48 PM (IST)
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प्रतिस्पर्धात्मक युग में बहुआयामी दक्षता ही सफलता की है कुंजी:  प्रो डॉ संदीप तिवारी

छात्रों ने किया सत्रों का उत्साहपूर्वक स्वागत

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– एक सफल इंजीनियर केवल तकनीकी दक्षता से नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण व जिम्मेदारी के भाव से है बनता -इंजीनियरिंग कॉलेज में आरुण्य-2025 का आयोजन -नवप्रवेशित छात्रों को प्रख्यात हस्तियों से मिला मार्गदर्शन सुपौल. इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक सत्र 2025-29 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आयोजित इंडक्शन कम फाउंडेशन कार्यक्रम आरुण्य 2025 के दूसरे दिन छात्रों को प्रेरणा, मार्गदर्शन और शिक्षण के अद्भुत अवसर प्राप्त हुए. कॉलेज के सेमिनार हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में तीन विशिष्ट अतिथियों ने विद्यार्थियों को जीवन कौशल, नैतिकता, और इंजीनियरिंग की सामाजिक भूमिका से अवगत कराया. प्रो निर्मल कुमार, पूर्व प्राचार्य, बीसीई भागलपुर ने अनुशासन, निरंतरता और सतत् सीखने के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि एक सफल इंजीनियर केवल तकनीकी दक्षता से नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और जिम्मेदारी के भाव से बनता है. उन्होंने अपने दीर्घ शैक्षणिक और प्रशासनिक अनुभव साझा कर छात्रों को करियर के प्रति गंभीरता अपनाने की सलाह दी. उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व राज्य सलाहकार पीएस ओझा ने नैतिक नेतृत्व, युवा सशक्तिकरण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे विषयों पर विचारोत्तेजक व्याख्यान प्रस्तुत किया. उन्होंने छात्रों से राष्ट्र सेवा, नवाचार और ईमानदारी को जीवन का मूल आधार बनाने की अपील की. प्राचार्य डीसीई दरभंगा के प्रो डॉ संदीप तिवारी ने चार वर्षों की शैक्षणिक यात्रा को जीवन निर्माण का स्वर्णिम काल बताते हुए छात्रों को तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ संचार कौशल और आलोचनात्मक सोच विकसित करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धात्मक युग में बहुआयामी दक्षता ही सफलता की कुंजी है. छात्रों ने किया सत्रों का उत्साहपूर्वक स्वागत इन संवादात्मक सत्रों को छात्रों ने गहरी रुचि से सुना और वक्ताओं से प्रत्यक्ष संवाद का अवसर पाकर उत्साहित दिखे. छात्रों ने इन सत्रों को न केवल शिक्षाप्रद बल्कि आत्मचिंतन हेतु प्रेरक बताया. कार्यक्रम के दौरान छात्रों को संस्थान की शैक्षणिक नीतियों, आंतरिक संरचना, मार्गदर्शन तंत्र और अनुशासनात्मक प्रक्रियाओं से भी परिचित कराया गया. कॉलेज के प्राचार्य डॉएके मिश्रा ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि सुपौल इंजीनियरिंग कॉलेज का उद्देश्य केवल तकनीकी शिक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि भविष्य के उत्तरदायी और दूरदर्शी नागरिकों को गढ़ना है. उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम छात्रों के शैक्षणिक सफर को उद्देश्यपूर्ण बनाते हैं. डीन अकादमिक ने अपने वक्तव्य में कहा कि यह सत्र विद्यार्थियों में अपनापन और दिशा की भावना विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा, जिससे वे एससीई सुपौल में अपने शैक्षणिक जीवन की मजबूत नींव रख सकें.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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RAJEEV KUMAR JHA

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By RAJEEV KUMAR JHA

RAJEEV KUMAR JHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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