70 वर्षों से बसे महादलित परिवारों ने लगाई गुहार, बोले– पहले दें बासगीत पर्चा, फिर हटाएं घर

Published by : Divyanshu Prashant Updated At : 17 May 2026 8:34 AM

विज्ञापन

आवेदन सौंपते परिवार के सदस्य

सुपौल के किशनपुर प्रखंड अंतर्गत फुलवरिया गांव में सड़क किनारे बसे 70 महादलित परिवारों ने उजाड़े जाने के डर से अंचल कार्यालय में प्रदर्शन किया. पीड़ित महिलाओं ने मांग की है कि प्रशासन पहले उन्हें बासगीत पर्चा देकर पुनर्वास करे, उसके बाद ही अतिक्रमण हटाए.

विज्ञापन

किशनपुर (सुपौल) से जीवछ प्रसाद यादव की रिपोर्ट. प्रखंड क्षेत्र के फुलवरिया गांव (वार्ड संख्या 11 एवं 12) में करीब 70 वर्षों से रह रहे महादलित परिवारों के सामने अचानक आशियाना छिनने का संकट खड़ा हो गया है. शनिवार को बड़ी संख्या में महादलित परिवारों की महिलाओं ने किशनपुर अंचल कार्यालय पहुंचकर अंचलाधिकारी को आवेदन सौंपा. उन्होंने मांग की है कि उन्हें उजाड़ने से पहले सरकार बासगीत पर्चा देकर रहने के लिए वैकल्पिक जमीन मुहैया कराए.

जमीन मालिकों की शिकायत पर अतिक्रमण हटाने की तैयारी

मिली जानकारी के अनुसार, फुलवरिया गांव के वार्ड संख्या 11 और 12 में लगभग 70 से अधिक महादलित परिवार ‘बिहार सरकार’ की आम सड़क के किनारे झोपड़ी और घर बनाकर तीन पीढ़ियों से निवास कर रहे हैं. इस बीच, उक्त सड़क के ठीक पीछे स्थित निजी जमीन के मालिकों ने प्रशासन से गुहार लगाते हुए सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया है.

पूर्वजों के समय से रह रहे हैं परिवार

अंचल कार्यालय पहुंचीं महिलाओं ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि उनके पूर्वज करीब 70 वर्षों से भी अधिक समय से इसी स्थान पर रह रहे हैं. उनके पास इसके अलावा रहने के लिए कोई दूसरी जमीन नहीं है. अब अचानक प्रशासन द्वारा जगह खाली करने के लिए कहे जाने से सभी परिवारों के सामने खुले आसमान के नीचे आने का खतरा पैदा हो गया है.

पहले हो वैकल्पिक व्यवस्था, तब हटाए जाए घर

फरियादी महिलाओं ने प्रशासनिक अधिकारियों से मानवीय आधार पर गुहार लगाते हुए कहा:

  • बासगीत पर्चा की मांग: सभी भूमिहीन परिवारों को सरकार के नियमानुसार पहले बासगीत पर्चा दिया जाए.
  • पुनर्वास की व्यवस्था: हटाने से पहले उनके रहने के लिए कोई वैकल्पिक और व्यवस्थित जगह तय की जाए, ताकि वे अपने बच्चों के साथ सुरक्षित रह सकें. इसके बाद ही खाली कराने की कोई कार्रवाई की जाए.

अंचल कार्यालय में आवेदन सौंपने वाली महिलाओं में मुख्य रूप से पूनम देवी, दुलारी देवी, शोभा देवी, लीला देवी, कंचन देवी, नीलम देवी, सरिता देवी और विभा देवी सहित दर्जनों अन्य ग्रामीण शामिल थीं.

राजस्व कर्मचारी करेंगे मामले की जांच

इस पूरे मामले को लेकर सुशीला कुमारी ने बताया कि महादलित परिवारों द्वारा दिए गए आवेदन को गंभीरता से लिया गया है. मामले की जमीनी हकीकत जानने के लिए संबंधित हल्के के राजस्व कर्मचारी (कर्मचारी) को स्थल जांच के लिए भेजा जाएगा. जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार इन परिवारों के लिए जमीन की व्यवस्था और आगे की आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी.

विज्ञापन
Divyanshu Prashant

लेखक के बारे में

By Divyanshu Prashant

Divyanshu Prashant is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन