छातापुर जिला सहकारिता पदाधिकारी संतोष कुमार रविवार को छातापुर पहुंचे. जिन्होंने कई गोदाम का निरीक्षण किया. जिसके बाद डीसीओ ने ई किसान भवन परिसर में व्यापार मंडल व पैक्स अध्यक्षों के साथ बैठक की. बैठक में धान अधिप्राप्ति की समीक्षा कर उन्होंने भंडारण में किसी भी प्रकार की अनियमितता ना बरतने पर हिदायत भी दी. साथ ही भारत सरकार की योजनाओ को पैक्स से जोड़ने की आवश्यकता जताई. डीसीओ के साथ मुख्य सहकारिता पदाधिकारी मिथिलेश कुमार, कार्यालय सहायक गितेश मिश्र के अलावे व्यापार मंडल अध्यक्ष गौरीशंकर भगत, सभी पैक्स के अध्यक्ष व प्रबंधक मौजूद थे. बैठक के दौरान कई अध्यक्ष एवं प्रबंधकों ने एसएफसी द्वारा सीएमआर जमा लेने में बिलंब को एक बड़ी समस्या बताया. कहा कि सीएमआर लेने में बिलंब के कारण प्रबंध समितियों पर ब्याज का बोझ बढने पर नराजगी व्यक्त की. अध्यक्षों ने धान अधिप्राप्ति लक्ष्य में बढोतरी करने, रोटेशन मेनटेन करवाने, कैश क्रेडिट में बढोतरी सहित कई समिति के हित में अन्य बिंदुओं पर अपनी बातों को रखा. डीसीओ ने सभी समस्याओ को संज्ञान में रखकर सकारात्मक पहल करने के प्रति आश्वस्त किया. कहा कि धान अधिप्राप्ति के अलावे प्रबंध समितियों के बेहतरी व आमदनी बढाने पर भी कार्य करने की जरूरत है. सभी पैक्सों को भारत सरकार की योजनाओं से जोड़ने की आवश्यकता है. पीएम भारतीय जन औषधि केंद्र, भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड, नेशनल कोऑपरेटिव अर्गेनिक लिमिटेड, नेशलन एक्सपोर्ट कोऑपरेटिव लिमिटेड मुख्य योजना है. प्रबंध समिति के साथ साथ किसान व आमजनों के लिए हितकर साबित हो सकता है. उन्होंने जानकारी देते बताया कि जिले के 174 पैक्स में 99 पैक्स का कंप्यूटरीकरण हो चुका है. बताया कि 132 प्रशिक्षित प्रबंधकों में मात्र 48 प्रबंधक पीएम किसान समृद्धि केंद्र संचालित कर रहे हैं.
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