सुपौल के बलुआ पहुंचे CM सम्राट चौधरी, डॉ. जगन्नाथ मिश्र की प्रतिमा अनावरण के बाद कोसी-मेची लिंक परियोजना का लिया जायजा

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पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्र के पैतृक मंदिर में पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की.

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सुपौल के बलुआ में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्र की प्रतिमा का अनावरण किया. उन्होंने निर्माणाधीन कोसी-मेची लिंक परियोजना का भी निरीक्षण किया, जिसे उत्तर बिहार के लिए गेम-चेंजर माना जा रहा है.

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CM Samrat Choudhary in Balua: सुपौल के बलुआ में बुधवार का दिन राजनीतिक, सांस्कृतिक और विकास की दृष्टि से खास रहा. वैदिक मंत्रों, शंखनाद और श्रद्धा के माहौल के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्र की प्रतिमा का अनावरण किया. कार्यक्रम सिर्फ एक प्रतिमा के उद्घाटन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके जरिए क्षेत्र की राजनीतिक विरासत, सामाजिक स्मृतियों और भविष्य की विकास योजनाओं का भी संदेश दिया गया.

खास बात यह रही कि प्रतिमा अनावरण के बाद मुख्यमंत्री सीधे निर्माणाधीन कोसी-मेची लिंक परियोजना के स्थल निरीक्षण के लिए रवाना हुए, जिसे उत्तर बिहार के लिए एक गेम चेंजर परियोजना माना जा रहा है.

30 मिनट देरी से पहुंचा हेलीकॉप्टर, स्वागत में जुटी भीड़

निर्धारित समय से करीब 30 मिनट की देरी से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का हेलीकॉप्टर बलुआ बाजार स्थित राजकीय उच्च विद्यालय के समीप बने हेलीपैड पर उतरा. उनके साथ उपमुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी और क्षेत्रीय विधायक नीरज कुमार सिंह भी मौजूद थे.

हेलीपैड पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी पहले से मौजूद थे. मुख्यमंत्री के पहुंचते ही स्वागत का दौर शुरू हो गया. इसके बाद उनका काफिला सड़क मार्ग से कार्यक्रम स्थल की ओर रवाना हुआ.


कार्यक्रम स्थल के तरफ जाते हुए सीएम सम्राट चौधरी
कार्यक्रम स्थल के तरफ जाते हुए सीएम सम्राट चौधरी

पहले मंदिर पहुंचे मुख्यमंत्री, फिर प्रतिमा का किया अनावरण

कार्यक्रम स्थल पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. जगन्नाथ मिश्र के पैतृक मंदिर में पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की. स्थानीय लोगों के लिए यह क्षण विशेष महत्व का रहा क्योंकि डॉ. मिश्र का परिवार इस इलाके की सामाजिक और राजनीतिक पहचान से गहराई से जुड़ा रहा है.

मंदिर से निकलने के बाद मुख्यमंत्री कार्यक्रम स्थल पहुंचे. यहां पंडित आचार्य धर्मेंद्र नाथ के शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने डॉ. जगन्नाथ मिश्र की प्रतिमा का अनावरण किया. इसके साथ ही शिलापट्ट का भी उद्घाटन किया गया.

क्यों महत्वपूर्ण है यह आयोजन

डॉ. जगन्नाथ मिश्र बिहार की राजनीति के ऐसे नेताओं में गिने जाते हैं जिनका प्रभाव दशकों तक राज्य की राजनीति और प्रशासन पर रहा. उनके पैतृक गांव में प्रतिमा स्थापना को स्थानीय लोग सम्मान और स्मृति से जोड़कर देख रहे हैं.

ग्रामीणों का मानना है कि इससे आने वाली पीढ़ियों को क्षेत्र के राजनीतिक इतिहास और नेतृत्व की विरासत को समझने का अवसर मिलेगा. कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच भी इस आयोजन को लेकर खास उत्साह देखने को मिला.

पैतृक आवास पहुंचे मुख्यमंत्री, फिर विकास परियोजना का लिया जायजा

प्रतिमा अनावरण के बाद मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और अन्य अतिथि डॉ. जगन्नाथ मिश्र के पैतृक आवास पहुंचे. यहां उन्होंने करीब 10 मिनट तक समय बिताया और परिवार तथा स्थानीय लोगों से बातचीत की.

इसके बाद पूरा काफिला बलुआ से बाहर निर्माणाधीन कोसी-मेची लिंक परियोजना के निरीक्षण के लिए रवाना हो गया. यह परियोजना उत्तर बिहार के कई जिलों में सिंचाई, जल प्रबंधन और कृषि क्षेत्र को नई दिशा देने वाली योजना मानी जा रही है.

कोसी और मेची नदियों को जोड़ने की इस परियोजना से बाढ़ और सूखे जैसी दोहरी समस्याओं से जूझने वाले इलाके को राहत मिलने की उम्मीद है. किसानों को सिंचाई के लिए अधिक पानी उपलब्ध होगा और कृषि उत्पादन बढ़ाने में मदद मिल सकती है.

CM Samrat Choudhary in Balua: कार्यक्रम के बीच राजनीतिक चर्चा भी रही गर्म

कार्यक्रम के दौरान एक और मामला चर्चा का विषय बना रहा. भाजपा जिलाध्यक्ष नरेंद्र ऋषिदेव और पूर्व सांसद विश्वमोहन कुमार कार्यक्रम में नजर नहीं आए.

स्थानीय स्तर पर यह चर्चा होती रही कि दोनों नेताओं को कार्यक्रम स्थल के भीतर प्रवेश नहीं दिया गया और वे पूरे आयोजन से बाहर रहे. हालांकि इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर चर्चाएं तेज रहीं.

प्रतिमा अनावरण के जरिए जहां डॉ. जगन्नाथ मिश्र की राजनीतिक विरासत को सम्मान देने का संदेश दिया गया, वहीं मुख्यमंत्री का कोसी-मेची लिंक परियोजना का निरीक्षण यह संकेत भी देता है कि सरकार इस महत्वाकांक्षी योजना की प्रगति पर नजर बनाए हुए है.

अब स्थानीय लोगों की निगाह इस बात पर है कि परियोजना का काम कितनी तेजी से आगे बढ़ता है और इसका लाभ किसानों तथा आम लोगों तक कब पहुंचता है.

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प्रमोद कुमार

लेखक के बारे में

By प्रमोद कुमार

प्रमोद कुमार प्रिंट माध्यम में 16 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सामाजिक सरोकार, शिक्षा, अपराध, राजनीति, कला-संस्कृति की खबरों में रुचि रखते हैं. वीरपुर (सुपौल) क्षेत्र में काम कर रहे हैं.

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