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घर बैठे विद्यालय की जांच रिर्पोट समर्पित करने वाले 27 निरीक्षी पदाधिकारी पर हुई कार्रवाई

Updated at : 10 May 2024 7:29 PM (IST)
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शिक्षा विभाग ने स्कूलों का निरीक्षण किए बिना रिपोर्ट सौंपने वाले 27 निरीक्षी पदाधिकारी और कर्मी का एक दिन का वेतन काटा है

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सुपौल.

शिक्षा विभाग ने स्कूलों का निरीक्षण किए बिना रिपोर्ट सौंपने वाले 27 निरीक्षी पदाधिकारी और कर्मी का एक दिन का वेतन काटा है. साथ ही आगे से इस तरह की लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गयी है. दरअसल शिक्षा विभाग की ओर से रोस्टर तैयार कर स्कूलों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है. इसके बाद निरीक्षी पदाधिकारी और कर्मी के आधार पर बिना सूचना गायब रहने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई भी की जाती है. लेकिन कई जगह निरीक्षी पदाधिकारी और कर्मी द्वारा बिना निरीक्षण रिपोर्ट सौंपने का मामला आया. जिस कारण दोषी 27 निरीक्षी पदाधिकारी और कर्मी का एक दिन का वेतन काटा गया है. शिक्षा विभाग से जारी पत्र में कहा गया है कि 02 से 05 अप्रैल तक प्रखंड से प्राप्त निरीक्षण प्रतिवेदन की समीक्षा के क्रम में पाया गया है कि 27 निरीक्षणकर्ता द्वारा विद्यालयों का शत प्रतिशत निरीक्षण के नाम पर कागजी खानापूर्ति किया गया है. साथ ही ससमय निरीक्षण विद्यालय में उपस्थित नहीं हुए हैं. इससे प्रतीत होता है, कि निरीक्षी पदाधिकारी द्वारा अपने दायित्व का निर्वहन नहीं किया गया. मानक के अनुरूप व गुणवतापूर्ण विद्यालयों का निरीक्षण नहीं कर रहे हैं. फलस्वरुप लगभग शत प्रतिशत विद्यालय के निरीक्षण के बावजूद भी एक भी शिक्षक अनुपस्थित नहीं पाये गये हैं. इसको लेकर संबंधित निरीक्षणकर्ता का एक दिन का वेतन कटौती का आदेश दिया गया है.

त्रिवेणीगंज व प्रतापगंज के हैं सभी निरीक्षणकर्ता

स्कूलों का निरीक्षण किए बिना रिपोर्ट सौंपने वाले 27 निरीक्षी पदाधिकारी और कर्मी में त्रिवेणीगंज और प्रतापगंज प्रखंड के निरीक्षणकर्ता शामिल हैं. प्रतापगंज के 11 और त्रिवेणीगंज के 16 निरीक्षणकर्ता का एक दिन का वेतन काटा गया है. बताया जा रहा है कि नियमित निरीक्षण के आदेश को लेकर कई निरीक्षणकर्ता उदासीन बने हैं. बताया जा रहा है कि कई जगह बिना निरीक्षण किए निरीक्षणकर्ता विभाग को रिपोर्ट सौंप दे रहे हैं. कई जगह तो निरीक्षण कर्ता का इसमें एचएम भी साथ देते हैं. ऐसे में संबंधित स्कूलों में भी घोर उदासीनता मिलती है.

जांच के मामले प्रधानाध्यापिका ने की थी शिकायत

सरायगढ़ प्रखंड क्षेत्र के मध्य विद्यालय सरायगढ़ की प्रधानाध्यापिका चंद्रा देवी ने गुरूवार को बीईओ को आवेदन समर्पित कर विद्यालय का बिना जांच किये चार शिक्षिकाओं का वेतन कटौती मामले की शिकायत की थी. दिये आवेदन में शिक्षिका ने बताया था कि 06 मई 2024 को मध्य विद्यालय सरायगढ़ का जांच प्राधिकृत निरीक्षक पदाधिकारी द्वारा नहीं किया गया था. विद्यालय की कोई भी शिक्षिका विद्यालय से अनुपस्थित नहीं थे. उनके द्वारा गलत रिपोर्ट जिला को भेजा गया है. जिससे चार शिक्षिकाओं का वेतन कटौती का आदेश आया है जो सरासर गलत है. जिन शिक्षिकाओं के एक दिन का वेतन कटौती का आदेश दिया गया है. वह सभी शिक्षिका मिशन दक्ष में 08 से 10 बजे तक ड्यूटी की है. उन्होंने आदेश वापस करने की मांग की थी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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