दबे-कुचले की सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहते थे वीर लोरिक : देवेंद्र प्रसाद
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 19 Dec 2019 8:19 AM
विज्ञापन
सुपौल : लोरिक विचार मंच, बाबा बैद्यनाथ चौघारा ट्रस्ट और श्रीकृष्ण-सुदामा ईश्वरीय विश्वविद्यालय के तत्वावधान में जिला मुख्यालय स्थित बीबीसी कॉलेज सभागार में वीर लोरिक महोत्सव 2019 का आयोजन किया गया. लोरिक विचार मंच के प्रदेश संयोजक डॉ अमन कुमार की अध्यक्षता में आयोजित महोत्सव का उद्घाटन पूर्व केंद्रीय मंत्री सह समाजवादी जनता दल (डी) […]
विज्ञापन
सुपौल : लोरिक विचार मंच, बाबा बैद्यनाथ चौघारा ट्रस्ट और श्रीकृष्ण-सुदामा ईश्वरीय विश्वविद्यालय के तत्वावधान में जिला मुख्यालय स्थित बीबीसी कॉलेज सभागार में वीर लोरिक महोत्सव 2019 का आयोजन किया गया. लोरिक विचार मंच के प्रदेश संयोजक डॉ अमन कुमार की अध्यक्षता में आयोजित महोत्सव का उद्घाटन पूर्व केंद्रीय मंत्री सह समाजवादी जनता दल (डी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र प्रसाद यादव ने किया.
आयोजक मंडल द्वारा अतिथियों का स्वागत फूल-माला और अंगवस्त्र भेंट कर किया गया. संबोधित करते पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री यादव ने कहा कि वीर लोरिक सामंतवाद, कुप्रथा, अन्याय तथा दबे-कुचले की सहायता हेतु सदैव तत्पर रहते थे. उनके कथनी और करनी में कोई फर्क नहीं होता था.
वीर लोरिक जनकल्याण के लिए कार्य करते थे लेकिन आज के राजनेता सत्ता के लिए कार्य करते हैं. इसलिए वर्तमान समय में जनकल्याण हेतु वीर लोरिक के विचारों का अनुकरण अति आवश्यक है. पूर्व विधायक दीनबंधु यादव ने कहा कि वीर लोरिक के विचारों को जीवित रखना पीड़ितों और शोषितों की सर्वोत्तम सेवा होगी. जहां से अन्याय की आवाज आती थी वीर लोरिक वहीं शंखनाद करने के लिए चल पड़ते थे.
पाठ्यक्रम में होना चाहिये वीर लोरिक गाथा. मंच के प्रदेश संयोजक डॉ अमन कुमार ने कहा कि वर्तमान सरकार को वीर लोरिक के जीवनगाथा को जन उपयोगी बनाने के उद्देश्य से उच्च विद्यालय और विश्वविद्यालय पाठ्यक्रम में शामिल करना चाहिए. लोरिक के विचारों को आत्मसात करने के लिए जाति और धर्म की दीवार को खत्म करना आवश्यक है.
तभी मानव एकता की बड़ी दिवार बनेगी. प्रो गौरी यादव ने कहा कि वीर लोरिक समुद्र के समान गंभीर, पर्वत के समान धैर्यवान, विष्णु के समान बलवान, चंद्रमा के समान प्रियदर्शन और पृथ्वी के समान क्षमावान योद्धा थे. महोत्सव में मुख्य संरक्षक जगदीश प्रसाद यादव, ह्रदय नारायण मुखिया, डॉ दयानंद यादव, सुधीर मिश्र, बालकराम पासवान, शत्रुघ्न यादव, आचार्य रामजी यादव, मो मुस्तकीम, सिकेंद्र यादव, संत जय नारायण यादव, महेन्द्र यादव, संत नरेश सिंह, महात्मा चंदेश्वरी यादव, बालकराम पासवान ने भी विचार व्यक्त कर लोरिक की विचार को जन-जन में पहुंचाने का संकल्प लिया.
महोत्सव में शंभू कुमार, नरेश कुमार, ओमप्रकाश यादव, कृष्ण कुमार, सुरेंद्र कुमार श्यामल, फुलेंद्र यादव, सुरेंद्र कुमार श्यामल, सत्यनारायण शर्मा, रामनरेश कौशकी, परमानंद कुमार पप्पू, शिवशंकर शर्मा, पप्पू कुमार, अमर कुमार झा, गजेंद्र यादव, राजू यादव, राजीव चौधरी, जीतेंद्र कुमार झा, प्रीतम कुमार चौधरी आदि उपस्थित थे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










