गोलीकांड के 12वें दिन मुख्य पार्षद राजकुमार गुड्डू का निधन, पटना में तोड़ा दम

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मुख्य पार्षद राजकुमार गुड्डू । फाईल फोटो

सुलतानगंज नगर परिषद कार्यालय में हुए सनसनीखेज गोलीकांड में घायल मुख्य पार्षद राजकुमार गुड्डू शनिवार को 12वें दिन जिंदगी की जंग हार गए. पटना के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान हुए उनके निधन की खबर से पूरे शहर में शोक की लहर दौड़ गई है, जबकि इसी हमले में कार्यपालक पदाधिकारी की पहले ही मौत हो चुकी थी.

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सुलतानगंज,भागलपुर से शुभांकर की रिपोर्ट: नगर परिषद कार्यालय में हुए सनसनीखेज गोलीकांड के 12वें दिन मुख्य पार्षद राजकुमार गुड्डू जिंदगी की जंग हार गए. शनिवार सुबह पटना के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उनका दुखद निधन हो गया. वार्ड पार्षद प्रतिनिधि सुभाष पोद्दार ने उनके निधन की पुष्टि की है. राजकुमार गुड्डू के निधन की खबर शहर में फैलते ही शोक की लहर दौड़ गई है और सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस अलर्ट मोड पर है.

वेंटिलेटर पर थे, क्रिटिकल बनी हुई थी स्थिति

बीते मंगलवार को अपराधियों ने राजकुमार गुड्डू को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी. उन्हें तीन गोलियां लगी थीं, जिसमें से एक सिर और एक छाती में धंसी थी. भागलपुर के मायागंज अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें गंभीर स्थिति में पटना रेफर किया गया था. डॉक्टरों के अनुसार, पल्स रेट कम होने और स्थिति बेहद नाजुक होने के कारण उनके सिर से गोली नहीं निकाली जा सकी थी. पिछले सात दिनों से वे वेंटिलेटर पर थे और पूरा शहर उनके स्वस्थ होने की कामना कर रहा था.

सैरात की डाक के दौरान अपराधियों ने मचाया था तांडव

वारदात 28 अप्रैल को नगर परिषद कार्यालय में सैरात की डाक के दौरान हुई थी. लुंगी और मुरेठा बांधे तीन शूटर झोले में हथियार छिपाकर दफ्तर में घुसे थे. अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें सभापति को बचाने की कोशिश कर रहे कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार की मौके पर ही मौत हो गई थी. राजकुमार गुड्डू को गंभीर हालत में अस्पताल भर्ती कराया गया था. पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हुई थी, जिसमें मुख्य आरोपी ‘रामधनी’ को पहचान लिया गया था, जिसे बाद में पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया था.

सीसीटीवी में कैद है अपराधियों की करतूत

वायरल फुटेज के अनुसार, एक बुलेट पर सवार होकर चार अपराधी दफ्तर पहुंचे थे. दफ्तर के अंदर करीब 7 राउंड गोलियां चली थीं, जिससे अफरातफरी मच गई थी. मुख्य आरोपी रामधनी के मारे जाने के बाद अब मुख्य पार्षद के निधन से मामला और गंभीर हो गया है. पुलिस प्रशासन शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गश्त तेज कर दी है. स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश और दुख व्याप्त है. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

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Divyanshu Prashant

लेखक के बारे में

By Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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