सीवान: सिसवन में युवाओं का स्वच्छता अभियान जारी, अब 600 वर्ष पुराने कुशेश्वर मंदिर पोखरे की होगी सफाई

Author Abhay Kumar|Edited by Vivek Ranjan
Updated:
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कचरा और जलकुंभी से भरे पोखरा | Prabhat Khabar Network

सिसवन में युवाओं द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान की सराहना हो रही है. महेंद्रनाथ सरोवर की सफलता के बाद अब वे चैनपुर स्थित कुशेश्वर मंदिर परिसर के पोखरे की सफाई का बीड़ा उठाएंगे. इस अभियान का उद्देश्य जलस्रोतों का संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाना है.

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Siwan News: सिसवन प्रखंड क्षेत्र में युवाओं द्वारा चलाया जा रहा स्वच्छता अभियान लोगों के बीच मिसाल बनता जा रहा है. महेंद्रनाथ सरोवर की सफल सफाई के बाद अब युवाओं ने चैनपुर स्थित करीब 600 वर्ष पुराने प्राचीन कुशेश्वर मंदिर परिसर के पोखरे की सफाई का बीड़ा उठाया है. अभियान के तहत शुक्रवार से पोखरे में फैली जलकुंभी, गंदगी, झाड़-झंखाड़ और कचरे को हटाने का कार्य शुरू किया जाएगा.

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धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहर को संवारने की पहल

अभियान से जुड़े युवाओं का कहना है कि धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाले जलस्रोतों की स्वच्छता बनाए रखना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है. उनका मानना है कि पोखरे की सफाई होने से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिलेगी, जलस्रोत का संरक्षण होगा और आसपास का वातावरण भी स्वच्छ एवं सुंदर बनेगा.

लोगों से अभियान में शामिल होने की अपील

युवाओं ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल सफाई करना नहीं, बल्कि लोगों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता पैदा करना भी है. उन्होंने क्षेत्र के लोगों और युवाओं से इस अभियान में शामिल होकर श्रमदान करने की अपील की है.

ग्रामीणों ने की पहल की सराहना

स्थानीय लोगों ने युवाओं की इस पहल की मुक्तकंठ से प्रशंसा की है. ग्रामीणों का कहना है कि बिना किसी सरकारी सहायता के समाजहित में किया जा रहा यह कार्य प्रेरणादायक है. उन्होंने अन्य युवाओं से भी इस अभियान से जुड़ने और सार्वजनिक स्थलों की सफाई में सहयोग करने की अपील की.

आगे भी जारी रहेगा स्वच्छता अभियान

अभियान से जुड़े युवाओं ने बताया कि आने वाले दिनों में क्षेत्र के अन्य सार्वजनिक स्थलों, मंदिर परिसरों और जलस्रोतों की भी सफाई की जाएगी. उनका उद्देश्य स्वच्छ, सुंदर और जागरूक समाज का निर्माण करना है.

600 वर्ष पुराना है कुशेश्वर मंदिर

गौरतलब है कि चैनपुर बाजार स्थित प्राचीन कुशेश्वर (कंठेश्वरनाथ) मंदिर का इतिहास करीब 600 वर्ष पुराना माना जाता है. वर्षों से समुचित साफ-सफाई के अभाव में मंदिर परिसर का पोखरा जीर्ण-शीर्ण और बदहाल हो गया है. ऐसे में युवाओं की यह पहल स्थानीय लोगों के साथ-साथ श्रद्धालुओं के लिए भी उम्मीद की नई किरण बनकर सामने आई है.

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