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अस्पताल में रोज पहुंच रहे हैं वायरल बुखार के मरीज

Updated at : 05 Dec 2025 7:18 PM (IST)
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अस्पताल में रोज पहुंच रहे हैं वायरल बुखार के मरीज

मौसम बदलने के साथ ही अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है. शुक्रवार की सुबह और शाम में आकाश कोहरा व बादलों से घिरा रहा. सर्द हवा नही चलने से लोगों को ठंड से राहत मिली. इस दौरान अधिकतम तापमान 24 व न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम परिवर्तन के साथ ही बीमारियों का प्रकोप दिखाना शुरू हो गया है. सदर अस्पताल सहित निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है.

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सीवान. मौसम बदलने के साथ ही अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है. शुक्रवार की सुबह और शाम में आकाश कोहरा व बादलों से घिरा रहा. सर्द हवा नही चलने से लोगों को ठंड से राहत मिली. इस दौरान अधिकतम तापमान 24 व न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम परिवर्तन के साथ ही बीमारियों का प्रकोप दिखाना शुरू हो गया है. सदर अस्पताल सहित निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है. लोग सर्दी,जुकाम से पीड़ित हो रहे हैं. अस्पताल में जो मरीज पहुंच रहे है,उनमे से ज्यादा सर्दी जुकाम,चर्मरोग व वायरल फीवर से पीड़ित है. सदर अस्पताल में प्रतिदिन छह सौ अधिक ठंढ जनित बीमारी के मरीज पहुंच रहे हैं. मौसमी बीमारियों के सबसे ज्यादा मरीज बुजुर्ग व बच्चे हैं. जो सर्दी खांसी, बुखार, गले में जकड़न की शिकायत लेकर आ रहे हैं. डाक्टरों की बातों पर ध्यान दें तो सावधानी अपनाकर मौसमी बीमारियों के प्रकोप से बचा जा सकता है. मौसमी बीमारी से बचने के लिए बरतें सावधानी सर्दी-खांसी व वायरल फीवर के प्रकोप से बचाव के लिए सेहतमंद भरपूर खाना खाने की सलाह चिकित्सकों द्वारा दी जाती है. साथ ही गुनगुना पानी पीने, गर्म कपड़े पहननें, सुबह शाम की ठंड से बचने, ठंडी चीजों का सेवन ना करने तथा सर्दी-जुकाम होने पर चिकित्सक की सलाह लेने की बातें चिकित्सकों द्वारा बताई जा रही है. सर्दियों के मौसम में खान-पान को लेकर विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. लापरवाही बरतने का परिणाम जोड़ों में दर्द जैसी परेशानी को बढ़ा सकता है.इसके साथ ही फास्ट फूड का सेवन भी छोड़ देना चाहिए. इसमें फैट और कार्बोहाइड्रेट अधिक होता है. बच्चों के स्वास्थ्य की नही करें अनदेखी सर्दी आते ही सबसे पहले बच्चे ही उसके गिरफ्त में आते हैं. बच्चों में कोल्ड डायरिया, निमोनिया, हाथ -पैर की अंगुलियों में सूजन, डायरिया, निमोनिया, हाथ -पैर की अंगुलियों में सूजन, डायरिया सहित हाइपोथर्मिया आदि बीमारियों का खतरा रहता है.सर्दी जुकाम और बुखार आम तौर पर इस मौसम में होता है .लेकिन लापरवाही से यह गंभीर रूप ले सकता है. डॉ. रंजन ने बताया कि सर्दी के मौसम में इन बीमारियों से समुचित खानपान और सावधानी से बचा जा सकता है. सुबह और शाम के समय में बच्चों का विशेष ख्याल रखना चाहिए.बाहर खेलने जाने वाले बच्चों पर विशेष निगरानी रखनी चाहिए.सफाई का ख्याल रखना चाहिए.पानी पर्याप्त पिलानी चाहिए. इस मौसम में पानी कम पीने से डिहाइड्रेशन का भी खतरा होता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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DEEPAK MISHRA

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