रामगढ़ में एक साथ उठीं तीन अर्थियां, रो पड़ा पूरा गांव

Updated:
विज्ञापन

प्रखंड के रामगढ़ गांव में रविवार सुबह अलग-अलग तीन घरों से एक ही साथ अर्थियां उठीं तो गांव में चारों तरफ परिजनों के रोने की आवाजें सुनकर सबकी आंखें नम हो गईं. बताते चलें कि जितेंद्र ठाकुर के 22 वर्षीय पुत्र रंजीत ठाकुर की मौत तीन दिन पहले मध्यप्रदेश के भोपाल में हो गयी थी.

विज्ञापन

सिसवन. प्रखंड के रामगढ़ गांव में रविवार सुबह अलग-अलग तीन घरों से एक ही साथ अर्थियां उठीं तो गांव में चारों तरफ परिजनों के रोने की आवाजें सुनकर सबकी आंखें नम हो गईं. बताते चलें कि जितेंद्र ठाकुर के 22 वर्षीय पुत्र रंजीत ठाकुर की मौत तीन दिन पहले मध्यप्रदेश के भोपाल में हो गयी थी. रंजित भोपाल में रहकर प्राइवेट नौकरी करता था. जहां ट्रेन से कटने से उसकी मौत हो गई थी. वहीं रामबाबू यादव के 18 वर्षीय पुत्र विमलेश यादव की मौत शनिवार को इलाज के दौरान पटना में हो गई. सड़क दुघर्टना में घायल होने के बाद पटना में इलाज चल रहा था. तीसरा मृतक रघुबर ठाकुर के 55 वर्षीय पुत्र बिगु ठाकुर है. बिगु इलाज के लिए दिल्ली गए थे, जहां उनकी मौत हो गई. तीनों मृतक एक हीं गांव के एक हीं वार्ड के रहने वाले थे. रविवार को जैसे हीं अलग अलग घरों से एक साथ तीन अर्थियां उठी, पूरा गांव रो पड़ा. परिजनों की चीखों से गलियां चीख उठीं. मृतकों के परिजन बार-बार मूर्छित हो रहे थे तो किसी के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे. छोटे बच्चे मृतक से चिपककर रोते बिलखते देखे गए. रिश्तेदार और ग्रामीण सुबह से ही जमे रहे. हर कोई टूटे परिवारों को ढांढस बंधाने में लगा था. गमगीन माहौल में तीनों शवों का अंतिम संस्कार एक हीं साथ सिसवन सरयू नदी के घाट पर किया गया.

आपके शहर में

विज्ञापन

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन