रेलवे पुलिस की सराहनीय कार्य: ‘ऑपरेशन अमानत’ के तहत लौटाई ‘लड्डू गोपाल’ की अनमोल प्रतिमा

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बरामद लड्डू गोपाल की प्रतिमा को सुपुर्द करते रेल अधिकारी

Siwan News: सिवान में आरपीएफ ने एक सराहनीय कार्य किया है. सफर के दौरान एक यात्री की ‘लड्डू गोपाल’ की अनमोल प्रतिमा ट्रेन में ही छूट गई थी. ऑपरेशन अमानत के तहत रेलवे पुलिस ने श्रद्धालु परिवार से संपर्क कर उनकी अमानत को उन तक पहुंचा दिया. परिवार ने रेलवे सुरक्षा बल एवं भारतीय रेल के प्रति आभार जताया.

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Siwan News: (अमर नाथ शर्मा की रिपोर्ट) सीवान रेलवे सुरक्षा बल की तत्परता और संवेदनशील कार्यशैली का एक भावुक उदाहरण बुधवार को देखने को मिला, जब ‘ऑपरेशन अमानत’ के तहत यात्रियों की आस्था से जुड़ी लड्डू गोपाल की प्रतिमा को सुरक्षित बरामद कर उसके परिजनों को सम्मानपूर्वक सुपुर्द किया गया.

रेल मदद पोर्टल से मिली सहायता

जानकारी के अनुसार, रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट सीवान में तैनात एएसआई मयंक भूषण तिवारी को सुबह लगभग 11:10 बजे मंडल सुरक्षा नियंत्रण कक्ष वाराणसी से सूचना प्राप्त हुई कि गाड़ी संख्या 14006 डाउन के इंजन से दूसरे कोच में ट्रेन एस्कॉर्ट स्टाफ कांस्टेबल रामाश्रय यादव के पास लड्डू गोपाल की प्रतिमा सुरक्षित है. इस संबंध में रेल मदद पोर्टल पर सहायता की मांग की गई थी. सूचना मिलते ही सीवान स्टेशन पर ट्रेन पहुंचने के बाद उक्त प्रतिमा को सम्मानपूर्वक प्राप्त कर आरपीएफ पोस्ट के रोजनामचा कक्ष में सुरक्षित रखा गया. तत्पश्चात रेल मदद पोर्टल पर दर्ज मोबाइल नंबर के आधार पर देवरिया जिले के लार टाउन थाना क्षेत्र अंतर्गत नदौली गांव निवासी शिवेश नाथ त्रिपाठी से संपर्क किया गया. दोपहर करीब 2:30 बजे शिवेश नाथ त्रिपाठी स्वयं आरपीएफ पोस्ट पहुंचे और आधार कार्ड के माध्यम से अपनी पहचान सत्यापित कराई.

दिल्ली से आ रही थी यात्री

उन्होंने बताया कि उनकी बहन श्वेतिमा मिश्रा आनंद विहार से लार रोड तक गाड़ी संख्या 14006 में यात्रा कर रही थीं. उतरने के दौरान भूलवश पीतल की लड्डू गोपाल प्रतिमा कोच संख्या एस-4 में ही छूट गई थी. आरपीएफ द्वारा यात्रा टिकट, पहचान पत्र तथा मोबाइल पर बातचीत कर पुष्टि करने के बाद गवाह कांस्टेबल सुभाष यादव की उपस्थिति में प्रतिमा को शिवेश नाथ त्रिपाठी को सुपुर्द कर दिया गया.अपनी आराध्य प्रतिमा वापस मिलने पर परिवार के लोगों ने गहरी खुशी व्यक्त करते हुए रेलवे सुरक्षा बल एवं भारतीय रेल के प्रति आभार जताया.

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निखिल अनुराग

लेखक के बारे में

By निखिल अनुराग

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

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