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स्वास्थ्यकर्मियों का वेतन कटा

Updated at : 03 May 2024 9:23 PM (IST)
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स्वास्थ्यकर्मियों का वेतन कटा

सदर अस्पताल के पीडियाट्रिक विभाग के डॉक्टरों के ड्यूटी रोस्टर का विवाद अभी खत्म ही नहीं हुआ की प्रभारी अधीक्षक द्वारा बायोमेट्रिक के अनुसार स्वास्थ्यकर्मियों के वेतन भुगतान का आदेश से एक नया विवाद शुरू हो गया है.

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सीवान. सदर अस्पताल के पीडियाट्रिक विभाग के डॉक्टरों के ड्यूटी रोस्टर का विवाद अभी खत्म ही नहीं हुआ की प्रभारी अधीक्षक द्वारा बायोमेट्रिक के अनुसार स्वास्थ्यकर्मियों के वेतन भुगतान का आदेश से एक नया विवाद शुरू हो गया है. सदर अस्पताल के सभी डॉक्टर धीरे -धीरे एकजुट हो रहें हैं. ड्यूटी रोस्टर का विरोध कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि डॉक्टरों के विरोध की आवाज को दबाने के लिए प्रभारी अधीक्षक द्वारा ऐसा आदेश निकाला गया है. प्रभारी अधीक्षक मो. इसराइल के आदेश के बाद जब स्वास्थ्यकर्मियों के अप्रैल माह का वेतन एक मई को मिला तो अधिकांश डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों के वेतन कटौती के कारण कम थे. बायोमेट्रिक से हाजिरी नहीं बनाने के कारण अधिकांश डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मियों के वेतन अप्रैल माह का कटौती कर दिया गया है. कई डॉक्टरों ने शिकायत किया की उन्होंने अपने ड्यूटी रोस्टर के मुताबिक किया. लेकिन बायोमिट्रिक में हाजिरी नहीं के कारण लगभग आधी वेतन काट कर दिया गया है. रोस्टर के विवाद को लेकर पीडियाट्रिक विभाग के कई डॉक्टर्स ड्यूटी नहीं कर रहे हैं दूसरी तरफ वेतन कटौती को लेकर अन्य डॉक्टर्स भी अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नजर आ रहें हैं. सितंबर में भी बायोमेट्रिक के अनुसार वेतन निकासी पर डॉक्टरों ने किया था विरोध स्वास्थ्य विभाग के निर्देश की बात बता कर सितंबर 2023 में सदर अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मियों की वेतन निकासी की गई थी. निकासी के बाद अधिकांश स्वास्थ्यकर्मियों के वेतन जब कटकर काम मिलें तो इसका जमकर विरोध किया गया. डॉक्टरों के विरोध के बाद सिविल सर्जन के आदेश पर कटौती की गई राशि स्वास्थ्यकर्मियों को वापस की गई. कर्मचारियों ने तो बायोमेट्रिक से हाजिरी बनानी शुरू कर दी. लेकिन डॉक्टरों का कहना था कि रोस्टर के मुताबिक ही वे अपनी हाजिरी बनाएंगे. इसके बाद सभी स्वास्थ्यकर्मियों का बायोमीट्रिक, उपस्थित पंजी एवं रोस्टर के मुताबिक प्रभारी अधीक्षक के आदेश पर वेतन निकासी की जाने लगी. अप्रैल महीने में जब पीडियाट्रिक विभाग के डॉक्टरों ने नए रोस्टर ड्यूटी का विरोध किया तो प्रभारी अधीक्षक ने बायोमेट्रिक के अनुसार वेतन निकासी करने का आदेश दे दिया. वही दूसरी तरफ सिविल सर्जन डॉक्टर अनिल कुमार भट्ट ने छपरा से ड्यूटी करने आने वाले डॉक्टरों का मकान भत्ता काटकर वेतन भुगतान करने का आदेश दिया है. डॉक्टर का कहना है कि जब विभाग का आदेश है की बायोमेट्रिक के अनुसार ही वेतन भुगतान करना है तो उपस्थिति पंजी पर क्यों हाजिरी बनाई जाती है. साथ ही साथ ड्यूटी रोस्टर में एकरूपता क्यों नहीं है. क्या कहते हैं जिम्मेदार बायोमेट्रिक से सभी स्वास्थ्य कर्मियों को हाजिरी बनाना अनिवार्य है. स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार बायोमेट्रिक के अनुसार वेतन निकासी की गई है. डॉ. मोहम्मद इसराइल, प्रभारी अधीक्षक,सदर अस्पताल,सीवान

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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