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बारिश से धान की फसल को नुकसान

Updated at : 05 Oct 2025 10:03 PM (IST)
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बारिश से धान की फसल को नुकसान

जिले में लगातार हुई मूसलाधार बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. जिले में अब तक 190 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जिससे धान के साथ-साथ मक्का, मड़ुआ, कोदो जैसी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं. खेतों में पानी भर जाने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.

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भगवानपुर हाट. जिले में लगातार हुई मूसलाधार बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. जिले में अब तक 190 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जिससे धान के साथ-साथ मक्का, मड़ुआ, कोदो जैसी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं. खेतों में पानी भर जाने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. कृषि विज्ञान केंद्र भगवानपुर हाट के वरिष्ठ वैज्ञानिक सह अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र प्रसाद ने बताया कि इस वर्ष की यह भारी बारिश किसानों के लिए आपदा बन गई है. उन्होंने कहा कि धान की फसल में लगभग सौ प्रतिशत नुकसान हुआ है. विशेष रूप से वे धान की फसलें जो अब पकने की स्थिति में थीं या जिनकी बाली निकल चुकी थी, वे पूरी तरह खराब हो गई हैं. ज्यादा बारिश होने से और तेज हवा के कारण तैयार धान की फसल गिर जाने से ज्यादा नुकसान होगा. बताया कि केवल कुछ देर से बोए गए या देर से बाली निकालने वाले धान की फसल को थोड़ा बहुत फायदा हो सकता है, लेकिन ज्यादातर किसानों की स्थिति बेहद चिंताजनक है. मक्का, मड़ुआ और कोदो की फसल भी इस बारिश से चौपट हो गई है. खेतों में पानी भर जाने से पौधे सड़ने लगे हैं, जिससे उत्पादन पर गंभीर असर पड़ेगा. डॉ. प्रसाद ने कहा कि इस बारिश का असर केवल मौजूदा फसल पर ही नहीं, बल्कि आगामी फसलों पर भी पड़ेगा. उन्होंने बताया कि अब खेतों में अत्यधिक नमी होने के कारण तेलहन, दलहन और रबी फसल की बुआई में देरी होगी. इससे उत्पादन घटने की संभावना है. उन्होंने कहा कि यदि यही बारिश सामान्य मात्रा में होती, तो यह किसानों के लिए अमृत के साथ वरदान साबित होती, क्योंकि इससे मिट्टी में नमी बनी रहती और आगामी फसलों की तैयारी बेहतर होती. लेकिन अब स्थिति उलट गई है , खेतों में जलजमाव और फसल सड़ने के कारण नुकसान का अनुमान लाखों रुपये में लगाया जा रहा है. किसानों का कहना है कि लगातार हो रही बारिश से हमारी सारी मेहनत बर्बाद हो गई है. खेतों में पानी भर गया है, जिससे धान, मक्का और मड़ुआ की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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DEEPAK MISHRA

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DEEPAK MISHRA is a contributor at Prabhat Khabar.

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