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चावल जमा होने के बाद भी भुगतान लंबित

Updated at : 31 Jan 2026 10:18 PM (IST)
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चावल जमा होने के बाद भी भुगतान लंबित

जिले में धान खरीद से जुड़े पैक्स के अध्यक्षों और मिल संचालकों ने चावल जमा करने में आ रही गंभीर समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी से मुलाकात करने का फैसला लिया है. लगातार आ रही दिक्कतों के कारण समितियां आर्थिक संकट से जूझ रही हैं और उन पर सूद का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है.

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प्रतिनिधि, सीवान. जिले में धान खरीद से जुड़े पैक्स के अध्यक्षों और मिल संचालकों ने चावल जमा करने में आ रही गंभीर समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी से मुलाकात करने का फैसला लिया है. लगातार आ रही दिक्कतों के कारण समितियां आर्थिक संकट से जूझ रही हैं और उन पर सूद का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है.सबसे बड़ी परेशानी एफआरके की कमी को लेकर है. एफआरके उपलब्ध नहीं रहने से सीएमआर की एसेप्टेंस नहीं बन पा रही है. जिससे चावल तैयार होने के बावजूद जमा नहीं हो पा रहा है. इसका सीधा नुकसान पैक्स को उठाना पड़ रहा है. बैंक से लिया गया कर्ज और उस पर लगने वाला ब्याज लगातार बढ़ रहा है. दूसरी ओर जिन समितियों ने पहले ही सीएमआर संग्रहण केंद्रों पर चावल जमा करा दिया है. उन्हें अब तक भुगतान की राशि नहीं मिल सकी है.समितियों द्वारा पूछताछ करने पर बताया जा रहा है कि राज्य खाद्य निगम के पास अभी पैसा नहीं आया है. भुगतान नहीं होने से पैक्स पर लगातार व्याज की राशि बढ रहीं है. अभी तक 252 पैक्स धान खरीद करने में जुटी है. 9200 किसानों से 52 हजार 499 टन धान की खरीद की गयी है. इसके बाद 4031 टन चावल ही बिहार राज्य खाद्य निगम को उपलब्ध कराया गया है. बताया जाता है कि नये नियम के अनुसार चावल लदी गाड़ियों के लोड होने और खाली होने के बाद की सीएमआर गोदाम पर फोटो विशेष ऐप पर अपलोड करना अनिवार्य है. संसाधन सीमित होने के कारण एक गोदाम पर काम होने के दौरान अन्य गोदामों पर गाड़ियां कई दिनों तक खड़ी रहती हैं. इससे मिलरों को भारी डिटेक्शन चार्ज देना पड़ रहा है. पैक्स व्यापार संघ के अध्यक्ष राजकिशोर सिंह ने कहा कि एफआरके की कमी और सीएमआर भुगतान में हो रही देरी के कारण समितियां बुरी तरह फंस गई हैं. अगर समय रहते समाधान नहीं हुआ तो कई समितियों की आर्थिक स्थिति और खराब हो जाएगी. प्रशासन को जल्द ठोस कदम उठाने की जरूरत है.इन सभी समस्याओं को लेकर यह निर्णय लिया गया है कि डीएम से मिलकर एफआरके की उपलब्धता, सीएमआर की एसेप्टेंस, समय पर भुगतान और सूद के बोझ से राहत दिलाने की मांग रखी जाएगी. इसके लिए सभी पैक्स अध्यक्षों, प्रबंधकों एवं मिल संचालक से अपील की गई है कि वे दो फरवरी को दिन के 12:30 बजे सेन्ट्रल कोऑपरेटिव बैंक मुख्यालय पर अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर अपनी एकजुटता दिखाएं.

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DEEPAK MISHRA

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DEEPAK MISHRA is a contributor at Prabhat Khabar.

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