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siwan news. शहर में संचालित रैन बसेरा हुआ बंद, मुसाफिर सड़कों पर गुजार रहे रात

Updated at : 26 Sep 2024 10:22 PM (IST)
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siwan news. शहर में संचालित रैन बसेरा हुआ बंद, मुसाफिर सड़कों पर गुजार रहे रात

शहर के गोपालगंज मोड़ के समीप है रैन बसेरा, यहां, बेड, पंखे, पानी, भोजन आदि की थी व्यवस्था

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सीवान . शहर के गोपालगंज मोड़ स्थित एसडीपीओ आवास के समीप मुसाफिरों को सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य से नगर पालिका ने लाखों रुपए की लागत से रैन बसेरे का निर्माण कराया था. लेकिन, अब उसे बंद कर दिया गया है. रैन बसेरा के बंद होने से सबसे ज्यादा परेशानी मुसाफिरों को हो रही है. गर्मी व बरसात के दिनों में इधर-उधर रात काटना मुश्किल हो गया है. जिम्मेदारों की लापरवाही से इसका लाभ लोगों को नहीं मिल पाया. नगर पालिका ने वर्षों पहले मुसाफिरों की सहूलियत के लिए 20 बेड का रैन बसेरा का निर्माण कराया था. बनने के बाद प्रतिदिन लोग वहां ठहरा करते थे. यहां, बेड, पंखे, पानी, भोजन आदि की व्यवस्था थी. लेकिन, महीने पहले इसे अचानक बंद कर दिया गया. मुसाफिरों को रैन बसेरा के बंद होने से इधर-उधर रात काटनी पड़ रही है. स्थानीय लोगों ने बताया कि बसेरा चालू था तो काफी हद बाहर से आने वाले यात्रियों को सहारा मिल जाता था. रात के समय इन्हें इधर-उधर परेशान नहीं होना पड़ता था. अभी लोगों को सड़क या किसी दुकान या फिर अन्य जगहों पर रात गुजारना पड़ती है. इसके बाद भी इस ओर जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं. कर्मी भुखमरी के कगार पर बंद रेन बसेरा की कर्मी अमृता कुमारी ने बताया कि पांच कर्मी बीते 11 वर्षों से रैन बसेरा में कार्यरत थे. वहां रात्रि प्रहरी भी था. लेकिन, रैन बसेरा अचानक बंद हो जाने से हमलोग भुखमरी के कगार पर पहुंच गए है. हमलोगों का मानदेय भी नहीं मिला है. बंद होने के बाद भी कई बार पदाधिकारियों से मांग की गई, लेकिन ध्यान नहीं दे रहे. दूसरे रैन बसेराें की स्थिति भी दयनीय बताते चलें कि कि दूसरे रैन बसेरा की स्थिति भी दयनीय हो गयी है. नगर पालिका द्वारा शहर के ललित बस स्टैंड में बीते वर्ष 50 बेड के रैन बसेरा का निर्माण कराया था. निर्माण के समय 50 बेड, कंबल, चादर मच्छरदानी सहित लोगों की मिलने वाली सारी सुविधाएं उपलब्ध करायी गयी थी. लेकिन, जैसे-जैसे दिन बीत रहे हैं, वैसे-वैसे वह रैन बसेरा की स्थिति दयनीय बनती जा रही है. रैन बसेरा प्रबंधक काजल कुमारी ने बताया कि 50 बेड में तकरीबन एक दर्जन से अधिक बेड टूट गए हैं. कुछ मरम्मत के अभाव में तो कुछ के पदाधिकारी की अनदेखी के कारण स्थिति दयनीय है. महीनों से खराब सीसीटीवी कैमरे कर्मियों ने बताया कि इस नए रैन बसेरा में चार गर्मी और एक रात्रि पर प्रहरी तैनात है. जहां महिलाएं रैन बसेरा की देखरेख करती है. सुरक्षा की दृष्टि से रैन बसेरा में सीसीटीवी कैमरा और एलसीडी लगाया गया था. लेकिन, वह कई महीनों से खराब है. इसकी शिकायत अधिकारी से करने के बावजूद भी इस पर कोई ध्यान नहीं देता है. बसेरा में तैनात जीविका दीदी ने बताया कि हम लोगों को तकरीबन तीन महीने से अधिक हो गये हैं. एक महीना का मानदेय मिला है. इसमें दो महीना का बकाया है. जब भी हम लोग पदाधिकारी से मानदेय की बात करते हैं तो पदाधिकारी टाल मोटोल करने लगते हैं. इस संबंध में नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी अरविंद कुमार सिंह से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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