स्वर्ण व्यवसायियों ने गिरफ्तारी का किया विरोध

मैरवा में दो स्वर्ण व्यवसायियों पर केस और एक की गिरफ्तारी के विरोध में शुक्रवार की दोपहर दर्जनों स्वर्ण व्यवसायियों ने थाना के मुख्य गेट पर शांतिपूर्ण धरना दिया. इस दौरान व्यवसायी एसडीपीओ को बुलाने की मांग कर रहे थे. करीब एक घंटे तक चले इस प्रदर्शन में उन्होंने पुलिस पर निर्दोषों को फंसाने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया.
प्रतिनिधि, मैरवा . मैरवा में दो स्वर्ण व्यवसायियों पर केस और एक की गिरफ्तारी के विरोध में शुक्रवार की दोपहर दर्जनों स्वर्ण व्यवसायियों ने थाना के मुख्य गेट पर शांतिपूर्ण धरना दिया. इस दौरान व्यवसायी एसडीपीओ को बुलाने की मांग कर रहे थे. करीब एक घंटे तक चले इस प्रदर्शन में उन्होंने पुलिस पर निर्दोषों को फंसाने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया. व्यवसायियों ने पुलिस अधीक्षक से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करायी जाये, निर्दोषों का नाम केस से हटाया जाये और ऋषभ कुमार को तत्काल रिहा किया जाये. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो उग्र आंदोलन और बाजार बंद किया जायेगा, जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी. बाद में थानाध्यक्ष राहुल कुमार के आश्वासन पर धरना समाप्त हुआ और व्यवसायियों ने उन्हें मांग पत्र सौंपा. जानकारी के अनुसार 15 अप्रैल को बाजार के दो स्वर्ण व्यवसायियों सुभाष प्रसाद वर्मा और ऋषभ कुमार वर्मा को पुलिस ने पूछताछ के लिए थाने बुलाया था. आरोप है कि जांच के नाम पर आभूषण की मांग की गयी और ऋषभ के पहुंचने पर उसे हिरासत में लेकर चोरी का माल खरीदने के आरोप में कांड संख्या 183/26 दर्ज कर जेल भेज दिया गया. व्यवसायियों ने सवाल उठाया कि सोना खरीद-बिक्री के स्पष्ट मानक नहीं होने से दुकानदारों को कैसे पता चलेगा कि ग्राहक वैध है या संदिग्ध. उन्होंने कहा कि मजबूरी में जेवर बेचने आने वाले ग्राहकों के आधार पर व्यवसायियों को अपराधी बनाना गलत है. धरना में चेयरमैन प्रतिनिधि अभिमन्यु कुमार, डॉ दिनेश चंद्र, बबलू जैसवाल, सुमित कुमार वर्मा, टिंकू वर्मा, महेश सोनी, सुरेश प्रसाद, मनोज जैसवाल, शनि जायसवाल सहित कई व्यवसायी मौजूद रहे. व्यवसायियों ने भावुक होकर बताया कि जेल भेजे गये ऋषभ कुमार के भाई की शादी 28 अप्रैल को तय है और घर में तैयारियां चल रही थीं, लेकिन गिरफ्तारी से पूरा माहौल गमगीन हो गया है. उनका कहना है कि ऋषभ ही परिवार की जिम्मेदारी संभालता था, ऐसे में बिना ठोस सबूत कार्रवाई से परिवार पर संकट आ गया है.
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