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अपात्र लोग सरकारी राशन की सुविधा से होंगे वंचित

Updated at : 02 Jan 2026 9:31 PM (IST)
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अपात्र लोग सरकारी राशन की सुविधा से होंगे वंचित

लंबे समय से सरकारी राशन उठा रहे अपात्र परिवारों को अब इस सुविधा से वंचित किया जायेगा. जिले में ऐसे 83 हजार अपात्र लोगों को चिह्नित किया गया है.खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की जांच में सीवान सदर और महाराजगंज अनुमंडल में बड़ी संख्या में ऐसे लाभुक सामने आए हैं.

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संवाददाता,सीवान. लंबे समय से सरकारी राशन उठा रहे अपात्र परिवारों को अब इस सुविधा से वंचित किया जायेगा. जिले में ऐसे 83 हजार अपात्र लोगों को चिह्नित किया गया है.खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की जांच में सीवान सदर और महाराजगंज अनुमंडल में बड़ी संख्या में ऐसे लाभुक सामने आए हैं. जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन कार्ड की पात्रता शर्तों पर खरे नहीं उतरते. जांच के बाद सीवान सदर अनुमंडल में 55,073 और महाराजगंज अनुमंडल में करीब 28 हजार अपात्र व संदिग्ध लाभुकों की पहचान की गई है. इन सभी के नाम राशन कार्ड से हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.प्रशासन की ओर से अनुमंडल कार्यालयों के माध्यम से ऐसे सभी संदिग्ध लाभुकों को नोटिस जारी किया गया है. नोटिस मिलने के बाद लाभुकों तक इसकी सूचना पहुंचनी शुरू हो गई है.अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पहले चरण में सभी चिन्हित लाभुकों को अपना पक्ष रखने और दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जा रहा है. यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो नियमानुसार राशन कार्ड से नाम काटने की कार्रवाई की जाएगी. शत-प्रतिशत लाभुकों की होगी इ केवाइसी जिन लाभुकों का अब तक इ-केवाइसी नहीं हुआ है, उनका भी इ-केवाईसी अभियान तेज कर दिया गया है. विभाग का लक्ष्य है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत आच्छादित सभी लाभुकों की शत-प्रतिशत इ-केवाइसी पूर्ण कराई जाए, ताकि फर्जीवाड़े पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके. राज्य सरकार के निर्देश पर यह कार्रवाई उन लाभुकों के खिलाफ की जा रही है, जो नियमों के बावजूद सस्ते अनाज का लाभ ले रहे हैं.जांच में सामने आया है कि कई ऐसे परिवार हैं, जिनके पास चारपहिया वाहन, पक्का मकान, सरकारी नौकरी या तय सीमा से अधिक आय के स्रोत मौजूद हैं. इसके बावजूद वे पीडीएस का राशन उठा रहे हैं. कुछ मामलों में मृत व्यक्तियों के नाम पर भी राशन उठाव होने की बात सामने आई है, जिसे गंभीरता से लिया गया है. इस अभियान से जहां एक ओर वास्तविक गरीब और पात्र परिवारों को राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग भी रुकेगा. हालांकि, कार्रवाई के दौरान कुछ क्षेत्रों में विरोध के स्वर भी उठे हैं कुछ लाभुकों का कहना है कि उन्हें गलत तरीके से अपात्र घोषित कर दिया गया है.ऐसे मामलों को देखते हुए विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन लोगों को आपत्ति है, वे संबंधित अनुमंडल कार्यालय में आवेदन देकर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर सकते हैं.दस्तावेजों की जांच के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा. योग्य लाभुकों को ही अनाज उपलब्ध होंगे अनुमंडल प्रशासन ने सभी जन वितरण प्रणाली के डीलरों और आपूर्ति निरीक्षकों को निर्देश दिया है कि चिन्हित सूची का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए. किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनियमितता या मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. डीलरों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे लाभुकों को इ-केवाइसी और सत्यापन प्रक्रिया में सहयोग करें.इस संबंध में सदर एसडीओ आशुतोष गुप्ता ने बताया कि विभागीय निर्देश के आलोक में राशन कार्ड के माध्यम से केवल योग्य लाभुकों को ही अनाज उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. उन्होंने कहा कि सीवान सदर अनुमंडल में 55,073 संदिग्ध लाभुक चिह्नित किए गए हैं, जो पात्रता शर्तों को पूरा नहीं कर रहे हैं. हर हाल में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पीडीएस का लाभ सिर्फ पात्र परिवारों तक ही पहुंचे. प्रशासन इस दिशा में पूरी तरह कृतसंकल्पित है और अभियान को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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DEEPAK MISHRA

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