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बड़रम में दूसरे दिन भी हुई जांच

Updated at : 23 Jan 2026 10:17 PM (IST)
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बड़रम में दूसरे दिन भी हुई जांच

जिले में घनी आबादी के बीच बारूद के ढेर बड़े मौत के मंजर को दावत दे रहे है. जिले के विभिन्न गांवों में अपने आप को आतिशबाज कहने वाले लोग प्रतिदिन बारूद से खेल रहे है. जिससे कभी भी बड़ी घटना हो सकती हैं.

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प्रतिनिधि,सीवान. जिले में घनी आबादी के बीच बारूद के ढेर बड़े मौत के मंजर को दावत दे रहे है. जिले के विभिन्न गांवों में अपने आप को आतिशबाज कहने वाले लोग प्रतिदिन बारूद से खेल रहे है. जिससे कभी भी बड़ी घटना हो सकती हैं. लोगों का कहना है कि जिले के शहरी या ग्रामीण इलाकों में लंबे समय से कई घरों में पटाखा बनाया जा रहे हैं. कई बार शिकायत के बावजूद भी प्रशासन ने कोई सख्त कार्रवाई नहीं की. घनी बस्ती में ऐसी गतिविधियां बड़े हादसे को न्योता दे रही हैं.पिछले कुछ वर्षों में जिले में ऐसे विस्फोट हो चुके हैं, लेकिन नियंत्रण के नाम पर सिर्फ कागजी कार्रवाई होती है. लोगो का कहना हैं की ऐसी खतरनाक गतिविधियों पर रोक लगाई जाए, ताकि बड़ी त्रासदी टाली जा सके. क्या हैं हुसैनगंज विस्फोट मामला बताता जाता हैं कि हुसैनगंज थाना क्षेत्र के बड़रम गांव में गुरुवार को पटाखा निर्माण के दौरान जोरदार विस्फोट जो गया.जिसमें आतिशबाज 50 वर्षीय मोहम्मद मुर्तजा मंसूरी चिथड़े उड़ गए और मौके पर ही मौत हो गयी.विस्फोट इतना भीषण था कि मृतक का शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया, टुकड़े 20 फीट दूर बिखर गए और उनका घर पूरी तरह ढह गया. धमाके की आवाज 2-3 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी थी. बड़रम में दूसरे दिन भी चलती रही जांच इधर गुरुवार को हुई बड़रम गांव में बम विस्फोट के बाद दूसरे दिन भी बम निरोधक दस्ता, एफएसएल की टीम जांच करती रही. जहां मुर्तुजा के घर से बड़ी मात्रा में शुक्रवार को बम बरामद की गई.जिसे जब्त कर जांच की जा रही हैं. पदाधिकारी इस मामले में अभी कुछ भी बताने से इनकार कर रहे हैं. घटना के बाद घर के सभी सदस्य फरार इधर इस घटना के बाद आतिशबाज मुर्तुजा के घर के सभी सदस्य घर छोड़ फरार हो गए है. हुसैनगंज पुलिस कैम्प कर रही हैं. अब तक इस घटना में प्राथमिकी दर्ज नही की गई हैं. वही मुर्तुजा के घर की तलासी भी पदाधिकारियों ने लिया. शटर बंद कर होती है पटाखे का कारोबार पुलिस व प्रशासन से बचने के लिए शहर के बाजार की दुकानों का शटर बंद करके ही रखा जाता है. लेकिन शटर के बाहर से ही थोक व खुदरे पटाखों की सूची तैयार कर माल उपलब्ध करा दिया जाता है. इन दुकानों में अग्निशमन विभाग के दिशा निर्देश का भी पालन नही किया जा रहा है. जिला प्रशासन ने सभी पटाखे कारोबारी को पहले ही दिशा निर्देश देते हुए लाइसेंस लेने के बाद ही पटाखे का बिक्री करने के निर्देश दे चुके हैं. शहर के मुख्य बाजार के कई इलाकों से जिले के ग्रामीण क्षेत्र से लेकर अन्य राज्यो तक पटाखे की थोक सप्लाई बड़े पैमाने में नियमों को ताक में रखकर हर रोज की जा रही है. लाइसेंस मात्र चार दुकानों की और हैं सैकड़ों दुकान बताया जाता हैं की जिले के मात्र चार ही पटाखा कारोबारी के पास लाइसेंस हैं.जबकि दीपावली और छठ पर्व में केवल जिला मुख्यालय में सैकड़ों से अधिक दुकानें सजती है. जो अग्निशन विभाग के नियमों को ताक पर रख पटाखा की बिक्री करते हैं. लेकिन स्थानीय पुलिस और अग्निशमन विभाग इस पर अबतक कोई कार्रवाई नही की हैं. कभी भी जिला मुख्यालय में भी हो सकती हैं बड़ी घटना बताया जाता हैं कि जिला मुख्यालय में भी वर्तमान में करीबन एक दर्जन पटाखे की बड़ी दुकान चलती हैं. जिनमे एक को छोड़ किसी के पास लाइसेंस नही हैं. इसके बाद भी धड़ल्ले से पटाखे की दुकान चल रही हैं. बोले थानाध्यक्ष मामले की जांच की जा रही है ,अब तक प्राथमिक की दर्ज नहीं हुई है. यदि क्षेत्र में कोई भी पटाखा निर्माण या बिक्री करता है. उसपर भी कार्रवाई की जाएगी. मोहन प्रसाद,थानाध्यक्ष, हुसैनगंज

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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DEEPAK MISHRA

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