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योजना का नाम बदलने का कारण गांधी से नफरत, राम से नहीं, नाथूराम से प्रेम : सुशील

Updated at : 19 Dec 2025 10:33 PM (IST)
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योजना का नाम बदलने का कारण गांधी से नफरत, राम से नहीं, नाथूराम से प्रेम : सुशील

संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुशील कुमार ने भाजपा पर बोला हमला

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सीवान. मनरेगा का नाम बदलने के पीछे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से नफ़रत छिपी हुई थी. इन्हें राम से नहीं, नाथूराम से प्रेम है. मोदी जी विदेश जाते हैं तो गांधी की प्रतिमा के आगे सर झुकाते हैं, लेकिन अपने देश में उनकी आरएसएस की विचारधारा नाथूराम के आगे सर झुकाने को विवश करती है. ये बातें कांग्रेस कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुशील कुमार ने कही. उन्होंने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण गरीबों के लिए काम के अधिकार की संवैधानिक गारंटी है. उन्होंने कहा कि नेशनल हेराल्ड वाले मामले में न्यायालय ने ईडी को फटकार लगाते हुए केंद्र सरकार को आइना दिखाने का काम किया है. कोर्ट ने यह माना है कि राजनीतिक दुर्भावना के तहत केन्द्र सरकार ईडी का इस्तेमाल करती रही है. किसान कांग्रेस के राज्य महासचिव अशोक कुमार सिंह ने कहा कि मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना और अधिकार आधारित कानून को समाप्त कर उसे एक केंद्र-नियंत्रित योजना में बदलना, गरीब विरोधी है. कांग्रेस नेता प्रदुमन राय ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक में ग्रामीण मजदूरों का कानूनी रूप से काम मांगने का अधिकार समाप्त हो जाएगा. कांग्रेस नेता मेराज अहमद ने कहा कि महिलाओं, दलितों, आदिवासियों और भूमिहीन गरीबों की आजीविका सबसे अधिक प्रभावित होगी. सम्मेलन में कांग्रेस नेता शशि कुमार, सेराज आलम, संस्कार यादव शामिल थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Shashi Kant Kumar

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By Shashi Kant Kumar

Shashi Kant Kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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