करोड़ों खर्च के बावजूद सिवान नगर परिषद की सफाई व्यवस्था चौपट, एक सप्ताह से कूड़ा नहीं उठा

Published by :kumarsuryakant
Published at :04 May 2026 4:14 PM (IST)
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सड़कों पर फैला कूड़ा

Siwan News: सिवान नगर परिषद क्षेत्र में एक सप्ताह से कूड़ा नहीं उठा है. जिससे शहर के मोहल्ले की सड़कों पर कूड़ा फैला हुआ है. जिससे लोगों को दुर्गंध, गंदगी और संक्रमण फैलने का डर भी सता रहा है और लोग नियमित रूप से कूड़ा उठाने की मांग कर रहे हैं.

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Siwan News: सीवान नगर परिषद क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. शहर के विभिन्न मुहल्लों में पिछले करीब एक सप्ताह से कूड़ा नहीं उठा है, जिससे सड़कों और गलियों में कचरे का अंबार लग गया है. नगर परिषद क्षेत्र की सफाई व्यवस्था तीन निजी एजेंसियों और नगर परिषद कर्मियों के पास होने के बावजूद हालात दिन-प्रतिदिन बदतर होते जा रहे हैं. नियमित कूड़ा उठाव नहीं होने से लोगों को दुर्गंध, गंदगी और संक्रमण फैलने का डर सता रहा है.

शहर के प्रमुख धार्मिक, शैक्षणिक और सार्वजनिक स्थलों के आसपास भी गंदगी देखने को मिल रही है. गांधी मैदान स्थित प्रसिद्ध बुढ़िया माई देवी मंदिर परिसर और गांधी मैदान के चारों तरफ गंदगी फैली हुई है, वहीं सदर अस्पताल से गांधी मैदान जाने वाले मुख्य मार्ग पर पत्रकार भवन के सामने तथा चिराई घर के पास कई सप्ताह से मुख्य सड़क पर कूड़े का अंबार लगा हुआ है. व्यस्त सड़क और घनी आबादी वाले क्षेत्र में भी कचरे का उठाव नहीं होना नगर परिषद की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है.

गंदगी से कई इलाकों के नाले जाम

स्थिति केवल कूड़ा उठाव तक सीमित नहीं है. कई इलाकों में नाले जाम पड़े हैं, जिससे गंदा पानी सड़क पर बह रहा है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है और जमीनी स्तर पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है. नगर परिषद क्षेत्र के अन्य वार्डों की स्थिति भी लगभग ऐसी ही बनी हुई है.

जानकारी के अनुसार, पहले नगर परिषद क्षेत्र की सफाई व्यवस्था एक एजेंसी और नगर परिषद के संयुक्त जिम्मे थी. जिसमें 30 वार्ड की सफाई लगभग 49 लाख रुपये प्रतिमाह की लागत से एजेंसी द्वारा की जाती थी, जबकि 15 वार्डों की सफाई नगर परिषद स्वयं कराता था. उस समय एजेंसी सफाई कर्मी, उपकरण और अन्य आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध कराती थी.

तीन एजेंसियों के पास है सफाई की जिम्मेदारी

लेकिन वर्तमान व्यवस्था में तीन एजेंसियों को जिम्मेदारी दी गई है, जबकि उपकरण और सामग्री की व्यवस्था नगर परिषद को करनी है. बताया जा रहा है कि नई व्यवस्था में प्रतिमाह दो करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है, इसके बावजूद शहर की सफाई व्यवस्था पहले से अधिक खराब हो गई है.

लोगों ने सफाई करवाने की मांग की

आम लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी यदि शहर की यह स्थिति है तो जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए. नागरिकों ने जिला प्रशासन और नगर विकास एवं आवास विभाग से तत्काल हस्तक्षेप कर सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है.

सिवान से विवेक कुमार सिंह की रिपोर्ट

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