प्रतिनिधि,दरौली. थाना क्षेत्र के दुब्बा निवासी सीआरपीएफ जवान रवींद्र दुबे की मौत ड्यूटी के दौरान लखनऊ में हो गई. वह लखनऊ स्थित 91वी सीआरपीएफ (रैफ बटालियन) में कार्यरत थे. वह रविवार को ड्यूटी से वापस लौट कर अपने कमरे पर जा रहा थे.जहां सीआरपीएफ गेट के समीप ही पिकअप ने उसे तेज ठोकर मार दिया.जहां वह गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें गंभीर हालत में मौके पर मौजूद लोगों ने सीआरपीएफ कैंप लाया.जहां ईलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. परिजनों को सूचना वहां से सीआरपीएफ के अधिकारियों द्वारा फोन पर दी गई. घटना के बाद पूरे परिवार में सन्नाटा पसर गया. वहीं ग्रामीण इलाकों में जवान के मौत के बाद शोक की लहर दौड़ गई. उनका पार्थिव शरीर सोमवार की सुबह सीआरपीएफ के वाहन से उसके पैतृक गांव दुब्बा पहुंचा. जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनके शव को अंतिम विदाई दी गई.और दुबा स्थित सरयू नदी किनारे उनके पुत्र द्वारा मुखाग्नि दी गई परिजनो पर टूटा दुख का पहाड़ सीआरपीएफ जवान रवींद्र दुबे की मौत के बाद परिजन बेसुध हो गए उसके पार्थिव शरीर से लिपटकर उसके मासूम बच्चे रो रहे थे.वही उसकी पत्नी वहां मौजूद जवानों से उसे दिखाने की बार बार जिद्द कर रही थी.मौजूद लोग जवान के परिजनों को संभालने में जुटे हुए थे.जैसे ही सीआरपीएफ के वाहन से उसका शव पहुंचा. हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी. सीआरपीएफ जवान रवींद्र दुबे के मौत के बाद परिजनो का रो रोकर बुरा हाल है.उसके परिवार में उसकी पत्नी अंजू देवी , पुत्र निश्चय दुबे, निर्भय दुबे शामिल है.
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