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सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की मिली धमकी

Updated at : 28 Jan 2026 10:51 PM (IST)
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सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की मिली धमकी

बुधवार की सुबह सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद दिनभर अफरा तफरी मची रही. यह धमकी जिला जज को उनके इमेल पर मिली थी.जिसमें बुधवार दोपहर 12 बजे के आसपास कोर्ट को उड़ाने की बात कही गई थी.सूचना मिलते ही अधिवक्ताओं के व्हाट्सएप ग्रुप में संदेश वायरल हो गया,

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प्रतिनिधि, सीवान. बुधवार की सुबह सिविल कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद दिनभर अफरा तफरी मची रही. यह धमकी जिला जज को उनके इमेल पर मिली थी.जिसमें बुधवार दोपहर 12 बजे के आसपास कोर्ट को उड़ाने की बात कही गई थी.सूचना मिलते ही अधिवक्ताओं के व्हाट्सएप ग्रुप में संदेश वायरल हो गया, जिसके बाद वकीलों और स्टाफ में दहशत फैल गई. बार एसोसिएशन ने सभी अधिवक्ताओं को संघ भवन में इकट्ठा रहने का निर्देश दिया और 12 बजे तक कोर्ट परिसर में प्रवेश पर पाबंदी लगा दी. मामले में एसपी पुरन कुमार झा ने बताया कि पूरे कोर्ट परिसर की जांच करायी गयी. मुख्य द्वार पर भी सुरक्षा कर्मियों को तैनाती की गई है. इसके लिए अधिकारी भी अलर्ट मोड पर हैं. पुलिस ने तुरंत कोर्ट परिसर में सुरक्षा बलों को भारी संख्या में तैनात किया और आने-जाने वाले हर व्यक्ति, वाहनों, बाइक की डिक्की तक की कड़ी जांच शुरू कर दी. इधर इस धमकी के बाद प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश मोतीश कुमार सिंह, जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय, पुलिस अधीक्षक पुरन कुमार झा,एसडीएम आशुतोष गुप्ता के निगरानी में तकरीबन आधा दर्जन से अधिक थाने की पुलिस व बम स्क्वायड कोर्ट परिसर में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया.अधिवक्ता संघ एवं प्रधान जिला न्यायाधीश के आदेश पर कोर्ट नाजीर जयकिशोर सर्मा ने ध्वनि विस्तारक यंत्र के माध्यम से यह सूचना प्रसारित कराया कि तत्काल अधिवक्ता, पक्षकार अपने सीट पर रखे हुए सामानों की गहनता से जांच कर ले एवं स्वयं के साथ कोर्ट परिसर को वाहनों के साथ भी मुक्त कर दें. जांच के बाद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अपने न्यायालय में सामान्य तरीकों से कोर्ट का काम आरंभ कर दिया और अन्य कोर्ट को निर्देश दिया कि जांच चलते समय केवल अधिवक्ता के माध्यम से ही कार्रवाई को आगे बढ़ावें. इस प्रकार अन्य कोर्ट में अधिवक्ताओं के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई की गई. इ-मेल की जांच शुरू पुलिस और साइबर सेल की टीमों ने धमकी भरे इ-मेल के स्रोत, आइपी एड्रेस और डिजिटल फुटप्रिंट की गहन जांच शुरू कर दी है. अधिकारियों का मानना है कि यह दहशत फैलाने की साजिश हो सकती है, क्योंकि ऐसे कई मामलों में धमकियां फर्जी साबित हो जाती हैं. अब तक कोर्ट परिसर से कोई विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं बरामद हुई है. न्यायालय के मुख्य द्वार पर हुई जांच एसपी ने बताया कि एहतियातन क्यूआरटी , एम्बुलेंस सेवा एवं अग्निशमन को अलर्ट मोड पर रखा गया है. न्यायालय परिसर के मुख्य द्वार एवं अन्य प्रवेश द्वारों पर सघन चेकिंग कीगयी. यातायात पुलिस उपाधीक्षक के द्वारा न्यायालय परिसर में अनाधिकृत वाहनों के प्रवेश पर पूर्णतः रोक लगा दी गई है तथा आने-जाने वाले वाहनों एवं व्यक्तियों का मार्ग परिवर्तित किया गया है. बोले संघ के अध्यक्ष जिला जज को इ-मेल के माध्यम से धमकी मिली थी, इसके बाद सभी अधिवक्ताओं को अलर्ट किया गया. 12:30 बजे के बाद कार्य को शुरू किया गया .उन्होंने यह भी कहा कि कोर्ट परिसर में केवल अधिवक्ताओं का ही गाड़ी लगेगी यदि कोई भी गैर वाहन लगता है तो उसे पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा और अधिवक्ताओं के वाहन पर अधिवक्ता का नाम लिखा होना चाहिए. शंभू दत्त शुक्ल, अध्यक्ष ,जिला अधिवक्ता संघ

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DEEPAK MISHRA

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