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शहर में बिना नक्शा के 70 फीसदी भवनों का निर्माण

Updated at : 08 Apr 2025 9:04 PM (IST)
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शहर में बिना नक्शा के 70 फीसदी भवनों का निर्माण

नगर परिषद क्षेत्र में मकान बनाने के लिए नगर परिषद का आदेश जरूरी है. आवासीय हो या कॉमर्शियल,भवन बनाने के लिए नगर परिषद से नक्शा पास कराना जरूरी है. धड़ल्ले से बिना नक्शा पास कराये ही आवासीय भवन से लेकर कॉमर्शियल बिल्डिंग तक बनाये जा रहे हैं. सरकारी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा.

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प्रतिनिधि, सीवान. नगर परिषद क्षेत्र में मकान बनाने के लिए नगर परिषद का आदेश जरूरी है. आवासीय हो या कॉमर्शियल,भवन बनाने के लिए नगर परिषद से नक्शा पास कराना जरूरी है. धड़ल्ले से बिना नक्शा पास कराये ही आवासीय भवन से लेकर कॉमर्शियल बिल्डिंग तक बनाये जा रहे हैं. सरकारी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा. शहरी क्षेत्र में संचालित स्कूल, बैंक्वेट हॉल व बड़े-बड़े शोरूम से लेकर आलीशान आवासीय व कॉमर्शियल बिल्डिंग नगर परिषद से सहमति बगैर ही बनाए जा रहा हैं. नगर परिषद सूत्रों की माने तो क्षेत्र में नप प्रशासन की उदासीनता के कारण 70 प्रतिशत भवन निर्माण बिना नक्शा पास कराये ही हो रहा है. मुश्किल से 25 से 30 फीसदी लोग ही नक्शा पास कराने के बाद निर्माण करा रहे हैं. उसमें भी नक्शा पास ज्यादातर वे लोग करवा रहे हैं, जिनको निर्माण के लिए बैंक से लोन है . जानकारों की माने तो बिना नक्शा पास कराये भवन निर्माण के लिए मुख्य रूप से नगर परिषद के टीसी जिम्मेदार हैं. उसके बाद संबंधित कर्मी व नगर परिषद प्रशासन वार्डों में हो रहे भवन निर्माण की धरातल पर जांच करने व इसकी पूरी सूचना नगर परिषद प्रशासन को उपलब्ध कराने में पूरी लापरवाही बरत रहे हैं. उनके वार्ड में कितने भवन बन रहे, उनका मानक क्या है, नक्शा बनवाने की दिशा में क्या कार्रवाई की गई, इसके प्रति टीसी पूरी तरह से उदासीन बने हुए हैं. नगर परिषद में डेढ़ दर्जन के करीब टीसी होने की बात कही जा रही है, जबकि कुल 45 वार्ड हैं. निर्माणकर्ता स्वयं ही अपने मकान के बन गये आर्किटेक्ट नगर परिषद क्षेत्र में बिना नक्शा के ही सभी वार्ड सहित बाजार में लगातार भवन का निर्माण किया जा रहा है. इस ओर किसी का भी ध्यान नहीं है. ये भवन मानक के अनुसार है या नहीं इसकी भी जांच नहीं हो रही है. भवन निर्माणकर्ता खुद ही अपने मकान के आर्किटेक्ट बने हुए हैं. अपनी मर्जी से मकान का निर्माण जारी है. जानकारों के अनुसार, नगर परिषद के पास नक्शा बनाने, उसे पारित करने के साथ जांच करने के लिए खुद का अभियंता नहीं है. प्राइवेट अभियंताओं से इस कार्य के लिए सेवा ली जाती है. वहीं, नगर परिषद द्वारा भवन निर्माण कार्य बिना नक्शा पारित करवाने को लेकर रोक नहीं लगा पाते है. साथ ही, इसका प्रचार- प्रसार भी नहीं किया जाता है. इससे शहर में बिना नक्शा के भवन लगातार बन रहे हैं. दस हजार लोगों के पास ही हैं नक्शा का भवन- विभागीय जानकारी के मुताबिक नगर परिषद क्षेत्र में 2011 के जनगणना के मुताबिक 1,35,066 लोग निवास करते थे. जिसमें 70,756 पुरुष और 64,310 महिलाएं निवास करती थी. लेकिन अब 2025 में शहर में तकरीबन ढाई लाख के आसपास लोग निवास कर रहे हैं. जिसमें तकरीबन दस हजार भवनों के पास नक्शा हैं और शहर में बने अन्य भवन बिना नक्शा के ही है. इधर मगर परिषद का कहना हैं कि ऐसे कई भवनों को भी चिन्हित की गई है, जिसके पास नक्शा नही हैं और उनपर जुर्माना लगाया जायेगा. क्या कहती हैं सभापति नगर परिषद क्षेत्र के लोगों की जवाबदेही बनती है कि वह बिना नक्शा पास कराए किसी प्रकार का निर्माण नहीं करायें. इससे नगर परिषद को राजस्व की क्षति हो रही है, साथ ही जांच में पकड़े जाने पर बिना नक्शा पास कराये निर्माण कराने वालों पर कार्रवाई भी तय है. शहर में बिना नक्शा के निर्माण करने वालों पर नोटिस भेजते हुए कार्रवाई की जायेगी. सेंपी गुप्ता, सभापति, नप सीवान

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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DEEPAK MISHRA

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