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Siwan News : सरकार मछुआरों को 90 प्रतिशत अनुदान पर देगी नाव और जाल

Updated at : 23 Dec 2025 9:50 PM (IST)
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Siwan News : सरकार मछुआरों को 90 प्रतिशत अनुदान पर देगी नाव और जाल

मछुआरों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने और मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने एक बड़ी राहत भरी योजना शुरू की है.

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सीवान. मछुआरों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने और मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार ने एक बड़ी राहत भरी योजना शुरू की है. डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग की ओर से संचालित नाव एवं जाल पैकेज वितरण योजना के तहत अब मछुआरों को मछली पकड़ने के लिए नाव और जाल की खरीद पर 90 प्रतिशत तक अनुदान दिया जायेगा. इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत जिले के कुल 43 लाभार्थियों को लाभान्वित किया जायेगा. इच्छुक और पात्र मछुआरे 31 दिसंबर तक विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. जिला मत्स्य पदाधिकारी चंदन कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य जिले के परंपरागत और सक्रिय मछुआरों को आधुनिक संसाधन उपलब्ध कराना है, ताकि वे अधिक कुशलता और सुरक्षित तरीके से मछली पकड़ने का कार्य कर सकें. इससे न केवल उनकी आय में वृद्धि होगी बल्कि जिले में मत्स्य उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने बताया कि योजना के तहत फिशिंग वुडन बोट, फिशिंग एफआरपी बोट और कॉस्ट (फेका) जाल पैकेज को शामिल किया गया है. विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुसार फिशिंग वुडन बोट पैकेज के लिए सात लाभार्थियों, फिशिंग एफआरपी बोट पैकेज के लिए छह लाभार्थियों और कॉस्ट (फेका) जाल पैकेज के लिए 30 लाभार्थियों का चयन किया जाएगा. प्रत्येक मछुआरा इनमें से किसी एक ही पैकेज के लिए आवेदन कर सकेगा. योजना का लाभ राज्य मत्स्यजीवी सहयोग समिति के सदस्य, परंपरागत मछुआरे, मछली पकड़ने के कार्य में संलग्न महिलाएं तथा अनुसूचित जाति और जनजाति के मछुआरे भी ले सकते हैं. विभागीय जानकारी के अनुसार फिशिंग वुडन बोट पैकेज की कुल लागत एक लाख 24 हजार 400 रुपये निर्धारित की गयी है. इसमें 90 प्रतिशत अनुदान के तहत मछुआरे को एक लाख 11 हजार 960 रुपये की सब्सिडी दी जायेगी. वहीं फिशिंग एफआरपी बोट पैकेज की कुल लागत एक लाख 54 हजार 400 रुपये है, जिस पर 90 प्रतिशत अनुदान के रूप में एक लाख 38 हजार 960 रुपये प्रदान किये जायेंगे. इसी तरह कॉस्ट (फेका) जाल पैकेज की कुल लागत 16 हजार 700 रुपये निर्धारित की गयी है, जिसके लिए 90 प्रतिशत अनुदान के तहत 15 हजार 30 रुपये की सहायता राशि दी जायेगी. ऑनलाइन आवेदन के दौरान मछुआरों को अपना मोबाइल नंबर, बैंक शाखा का नाम, खाता संख्या, आइएफएससी कोड, आधार कार्ड तथा मछली शिकार से संबंधित आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे. सभी पात्र आवेदनों की जांच के बाद लाभार्थियों का चयन किया जायेगा. चयनित मछुआरों को अनुदान की राशि सीधे सरकार की ओर से उपलब्ध करायी जायेगी. जिला मत्स्य पदाधिकारी ने जिले के सभी पात्र मछुआरों से अपील की है कि वे समय सीमा के भीतर आवेदन कर इस योजना का लाभ उठाएं और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ाएं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SHAH ABID HUSSAIN

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By SHAH ABID HUSSAIN

SHAH ABID HUSSAIN is a contributor at Prabhat Khabar.

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