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बिहार के इस जिले की मटका लस्सी बनी लोगों की पहली पसंद, पीते ही आ जाती है बनारस की याद

Updated at : 05 May 2025 11:00 AM (IST)
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famous lassi| In the scorching heat, Siwan's Matka Lassi has become people's first choice, people come from far away to taste it

लस्सी की तस्वीर

Bihar Famous Food: सीवान की चिलचिलाती गर्मी में लोगों को राहत देने के लिए कचहरी दुर्गा मंदिर के पास मिलने वाली मटका लस्सी इन दिनों खासा चर्चित हो रही है. अपने अनोखे स्वाद, शुद्धता और ठंडक के कारण यह लस्सी हर उम्र के लोगों की पहली पसंद बन चुकी है.

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Bihar Famous Food: भीषण गर्मी की मार झेल रहे बिहारवासियों के लिए इन दिनों एक खास मटका लस्सी राहत की ठंडी हवा बनकर सामने आई है. तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है और लोग चिलचिलाती धूप से बचने के लिए कुछ ठंडा और ताज़ा पीने की तलाश में हैं. ऐसे में सीवान शहर के कचहरी दुर्गा मंदिर के पास स्थित एक लस्सी की दुकान लोगों के आकर्षण का केंद्र बन गई है.

रोजाना 300 से ज्यादा ग्लास की बिक्री

यहां परोसी जा रही मटका लस्सी स्वाद, शुद्धता और ठंडक का ऐसा मेल है, जिसे एक बार चखने के बाद लोग इसका स्वाद नहीं भूल पा रहे हैं. यही वजह है कि रोजाना यहां 300 से अधिक ग्लास लस्सी की बिक्री हो रही है. दुकानदारों को भी अंदाजा नहीं था कि यह लस्सी इतनी लोकप्रिय हो जाएगी.

तीन रेंज में मिल रही है लस्सी

यहां तीन प्रकार की लस्सी उपलब्ध है- 30 रुपये में साधारण गिलास लस्सी, 50 रुपये में मटका लस्सी और 100 रुपये में केसर युक्त विशेष मटका लस्सी. ग्राहकों के पास विकल्प हैं और हर कोई अपनी पसंद के अनुसार लस्सी चुन सकता है.

खास सामग्री से तैयार होता है मटका लस्सी

इन लस्सियों को खास पारंपरिक अंदाज़ में तैयार किया जाता है. एक मटका लस्सी में करीब 200 से 250 ग्राम तक ताजा दही का उपयोग होता है. जिसमें काजू, किशमिश, मावा, रबड़ी, मलाई, नारियल, रूहअफज़ा, पिसी हुई चीनी और राजस्थानी चेरी मिलाकर इसे और भी स्वादिष्ट बना दिया जाता है.

पारंपरिक मटकों से बढ़ता है स्वाद

लस्सी को मिट्टी के मटकों में परोसा जाता है, जिससे इसका स्वाद और ठंडक दोनों लंबे समय तक बनी रहती है. इन मटकों को खासतौर पर बेतिया से मंगवाया जाता है ताकि पारंपरिक अनुभव बरकरार रहे. इस दुकान की लोकप्रियता सिर्फ स्वाद तक सीमित नहीं है. यहां स्वच्छता का भी विशेष ध्यान रखा जाता है. ग्राहकों को साफ-सुथरे वातावरण में लस्सी परोसी जाती है, जिससे वे निश्चिंत होकर इसका आनंद ले सकें.

अधिकारी और जज भी हैं नियमित ग्राहक

यह लस्सी न सिर्फ आम लोगों को भा रही है, बल्कि शहर के अधिकारी, कर्मचारी और अधिवक्ता भी इसके नियमित ग्राहक बन चुके हैं. कई लोग तो इसे अपने घर के लिए पैक कराकर भी ले जाते हैं. गर्मियों के इस कठिन मौसम में यह मटका लस्सी सीवान के लोगों के लिए एक स्वादिष्ट राहत बन गई है. अगर आप भी तपती गर्मी में कुछ ठंडा और ताज़ा पीने की तलाश में हैं, तो इस लस्सी को ज़रूर आज़माएं.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

भोपाल से शुरू हुई पत्रकारिता की यात्रा ने बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर डिजिटल तक का मुकाम तय किया है. वर्तमान में पटना में कार्यरत हूं और बिहार की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास कर रहा हूं. गौतम बुद्ध, चाणक्य और आर्यभट की धरती से होने का गर्व है. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखता हूं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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