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सेना के जवान का हुआ अंतिम संस्कार

Updated at : 27 Jan 2026 10:40 PM (IST)
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सेना के जवान का हुआ अंतिम संस्कार

प्रखंड क्षेत्र की मुरौवतपुर पंचायत के वार्ड संख्या पांच निवासी सेना के जवान रमेश कुमार का ड्यूटी के दौरान जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में निधन हो गया था. उनका पार्थिव शरीर सोमवार को राजकीय सम्मान के साथ तिरंगा से लिपटा हुआ घर पर लाया गया. पार्थिव शरीर घर पर आते ही सभी के आंखें नम हो गयी

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सहदेई बुजुर्ग. प्रखंड क्षेत्र की मुरौवतपुर पंचायत के वार्ड संख्या पांच निवासी सेना के जवान रमेश कुमार का ड्यूटी के दौरान जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में निधन हो गया था. उनका पार्थिव शरीर सोमवार को राजकीय सम्मान के साथ तिरंगा से लिपटा हुआ घर पर लाया गया. पार्थिव शरीर घर पर आते ही सभी के आंखें नम हो गयी. पत्नी प्रियंका देवी, दस वर्षीय पुत्र, आठ वर्षीय पुत्री, भाई विनोद कुमार राय, ओमप्रकाश राय पार्थिव शरीर से लिपटकर विलाप करने लगे. पार्थिव शरीर आने का इंतजार लोग सुबह से ही कर रहे थे. अंतिम दर्शन के लिए चांदपुरा से लेकर मुरौवतपुर आंबेडकर चौक तक लोगों का जनसैलाब उमड़ा रहा. अंतिम यात्रा के दौरान लोग हाथों में तिरंगा लेकर रमेश कुमार अमर रहे और भारत माता की जय के गगनभेदी नारे लगा रहे थे. दिवंगत रमेश कुमार राष्ट्रीय राइफल्स की 62 आरआर बटालियन में नायक के पद पर तैनात थे. उन्होंने वर्ष 2013 में राष्ट्रीय राइफल्स ज्वाइन किया था और उनका प्रशिक्षण रुड़की में हुआ था. वर्तमान में वे जम्मू-कश्मीर के उड़ी सेक्टर में देश सेवा में तैनात थे, जहां ड्यूटी के दौरान इनका निधन हो गया था. नौ भाई बहनों में सबसे छोटे रमेश ही थे. रमेश कुमार करीब छह माह पूर्व अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए घर आए थे. रमेश कुमार के निधन की खबर सुनकर उनके घर मुरौवतपुर और ससुराल सहदेई के नयागांव पश्चिमी के बरियारपुर गांव में किसी के घर चूल्हा नहीं जला. गंगा नदी के किनारे काली घाट पर हुआ अंतिम संस्कार, उमड़ी भारी भीड़ अंतिम यात्रा के लिए शव लेकर निकले. शव के पीछे-पीछे उनकी पत्नी प्रियंका देवी दौड़ गई और कहने लगी अरे, मेरे पति को कहां लेकर जा रहे हो. यह कहते हुए वह बार बार बेसुध और बेहोश हो रही थी. साथ ही इन्होंने अपने पति को अंतिम सलामी दी. शहीद जवान रमेश के पुत्र इशान और ईशानी का भी रो-रोकर बुरा हाल हो रहा है. जबकि दिव्यांग भाई ओमप्रकाश राय, बड़ा भाई विनोद कुमार राय भी फफक फफक कर रो रहे थे. शहीद रमेश कुमार का ताबूत में बंद पार्थिव शरीर को सेना के अधिकारी और जवानों ने कंधा देकर अंतिम संस्कार के लिए काली घाट लाया. दस वर्षीय इशान ने अपने पिता को दिया मुखाग्नि शहीद रमेश कुमार का पार्थिव शरीर गंगा नदी के किनारे काली घाट पर लाया गया, जहां 10 वर्षीय पुत्र इशान ने मुखाग्नि दी. इससे पूर्व सेना के अधिकारी और जवानों के अलावा विधायक महेंद्र राम, पूर्व विधायक डाॅ मुकेश कुमार रौशन, पूर्व विधायक प्रतिमा कुमारी, जिला पार्षद उपेन्द्र कुमार राय, जिला पार्षद मनिन्द्रनाथ सिंह, पूर्व जिला पार्षद जसवीर सिंह कुशवाहा, प्रमुख ममता कुमारी, समाजसेवी अभिमन्यु राय, राजद प्रदेश महासचिव सह पूर्व सैनिक श्यामनंदन कुमार राय, राजद नेता मदन राय, पूर्व प्रमुख अनिल कुमार राय, देसरी के प्रमुख आनंद कुमार कुशवाहा, बीडीओ प्रविण कुमार, थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार, जदयू जिला सचिव राजकिशोर सिंह कुशवाहा, लोजपा रा के नेता अजय पासवान, नितेश सिंघानिया, मेघन पासवान, गायत्री परिवार के चंदन यादव, बीस सूत्री अध्यक्ष जागेश्वर सिंह कुशवाहा, बीस सूत्री सदस्य दीपक कुमार गुप्ता, संतोंष कुमार राय, विकास कुमार कुशवाहा,चंदन सिंह, मुखिया जानती देवी, मुखिया अखिलेश रजक, मुखिया पहलाद पासवान, मुखिया विश्वनाथ चौधरी के अलावा अन्य ने शहीद रमेश कुमार को श्रद्धांजलि दी.

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DEEPAK MISHRA

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