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27 करोड़ से वृहद आश्रय गृह बनकर तैयार, 22 जून से चालू करने की तैयारी

जीरादेई प्रखंड के भैसाखाल गांव में बेसहारों को सहारा देने के लिए 200 आवासन क्षमता का वृहद आश्रय गृह बनकर तैयार हो गया है. पांच एकड़ भूमि पर पूरी हुई योजना पर करीब 27 करोड़ रुपये खर्च किये गये हैं, जहां 100-100 बेडों के गर्ल्स और ब्वायज हॉस्टल का निर्माण हुआ है. योजना के तहत 6 से 18 वर्ष के बच्चे व किशोरों को लाभ मिलेगा.

सीवान. जीरादेई प्रखंड के भैसाखाल गांव में बेसहारों को सहारा देने के लिए 200 आवासन क्षमता का वृहद आश्रय गृह बनकर तैयार हो गया है. पांच एकड़ भूमि पर पूरी हुई योजना पर करीब 27 करोड़ रुपये खर्च किये गये हैं, जहां 100-100 बेडों के गर्ल्स और ब्वायज हॉस्टल का निर्माण हुआ है. योजना के तहत 6 से 18 वर्ष के बच्चे व किशोरों को लाभ मिलेगा. अनुमान है कि जल्द ही सभी प्रक्रिया को पूरा करते हुए आश्रय गृह का संचालन जिला प्रशासन की तरफ से शुरू करा दिया जायेगा. आश्रय गृह के शुरू होने के बाद से भूले-भटके, बेसहारा और परित्यक्त नवजात, बालक, बालिका, महिला और बुजुर्गों को अब एक ही स्थान पर आश्रय दिया जायेगा. भवन निर्माण का कार्य बिहार राज्य भवन निर्माण निगम पटना के माध्यम से किया गया है. इस कार्य की जिम्मेदारी पीसीआर बिलटेक गोपालपुर को दी गयी थी. हॉस्टल के साथ-साथ एकेडमिक भवन, कॉमन फैसिलिटी सेंटर भी बनाया जा रहा है. उससे कुछ ही दूरी पर बच्चों की निगरानी के लिए तीन प्रकार का स्टाफ क्वार्टर भी है, जहां पदाधिकारियों से लेकर कर्मियों का आवासन की व्यवस्था रहेगी. पदाधिकारियों के लिए टाइप 1 और कर्मियों के लिए टाइप 2 और टाइप 3 शामिल है. यह सब काम एक ही बाउंड्री के अंदर पूरा हुआ है. पूरे परिसर की चहारदीवारी भी 14 फुट ऊंची करा दी गयी है. उसके साथ ही चहारदीवारी और सभी भवनों पर सुरक्षा के दृष्टिकोण से राउंडेड कंसेंटीना वायर लगाया गया है. वहीं, सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे भी पर्याप्त संख्या में लगाये गये हैं. हॉस्टल में रहने वाले बालक और बालिकाओं को पढ़ने के साथ-साथ खेलने की भी व्यवस्था की जायेगी. 2500 स्क्वायर फुट में प्ले ग्राउंड का विकास भी किया गया है, उसका रूप पार्क जैसा दिया गया है. गार्डन की व्यवस्था भी की गयी है. विभाग द्वारा यहां पर रहने वालों को पर्यटन स्थल या धार्मिक स्थल का दर्शन भी समय-समय पर कराया जायेगा. सुरक्षा के दृष्टिकोण से आश्रय गृह में बैरक एवं चेकपोस्ट का भी निर्माण हुआ है. वहीं, साफ-सफाई, सुरक्षा, सीसीटीवी कैमरा, इंटरनेट, जेनेरेटर, गार्ड (महिला व पुरुष) दोनों रहेंगे. भवन का निर्माण सोसायटी के तर्ज पर पूरा किया गया है. लड़के-लड़कियों की शारीरिक विकास के लिए यहां खेलकूद के लिए मैदान भी है. भवन में अलग-अलग ब्लॉक भी बनकर तैयार हो गये हैं. परिसर के चारों ओर पौधारोपण भी कराया गया है और पेवर ब्लॉक लगाया गया है. यहां रहने वाले बच्चों को स्वावलंबी बनाने और रोजगार उपलब्ध कराने के लिए ट्रेनिंग भी दी जायेगी. जिला प्रशासन के तरफ से वृहद आश्रय गृह का संचालन 22 जून तक शुरू कराने का निर्देश जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक को मिला है. भवन बनकर तैयार होने के बाद अभी तक विद्युत कनेक्शन नहीं हो सका था. डीएम मुकुल कुमार गुप्ता ने सहायक निदेशक को कहा है कि विद्युत प्रमंडल सीवान के कार्यपालक अभियंता से समन्वय स्थापित करते हुए एक सप्ताह के अंदर विद्युत कनेक्शन कराते हुए 22 जून तक संचालन शुरू करायेंगे. वहीं, पीसीआर बिलटेक प्रा़ लि. के प्रोजेक्ट मैनेजर मोहम्मद सादिक ने कहा कि जिले के जीरादेई प्रखंड के भैसाखाल गांव में 200 आवासन क्षमता का वृहद आश्रय गृह का निर्माण कार्य पूरा करा लिया गया है. निर्माण कार्य पर करीब 27 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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