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2.13 लाख बच्चों को मिल रहा है मध्याह्न भोजन

Updated at : 31 Jan 2026 10:22 PM (IST)
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2.13 लाख बच्चों को मिल रहा है मध्याह्न भोजन

बिहार राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष प्रहलाद कुमार सरकार की अध्यक्षता में शनिवार को अतिथि गृह सभागार में खाद्य सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की गई. बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, मध्याह्न भोजन योजना, आंगनबाड़ी सेवाएं, पोषण पुनर्वास केंद्र एवं छात्रावासों में खाद्यान्न वितरण की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई

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प्रतिनिधि, सीवान. बिहार राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष प्रहलाद कुमार सरकार की अध्यक्षता में शनिवार को अतिथि गृह सभागार में खाद्य सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की गई. बैठक में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, मध्याह्न भोजन योजना, आंगनबाड़ी सेवाएं, पोषण पुनर्वास केंद्र एवं छात्रावासों में खाद्यान्न वितरण की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई.जिला आपूर्ति पदाधिकारी सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में खाद्यान्न उठाव, वितरण और निगरानी से संबंधित प्रतिवेदन के साथ बैठक में उपस्थित थे. मध्याह्न भोजन योजना की समीक्षा के दौरान जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (एमडीएम) ने बताया कि जिले में कुल 2043 विद्यालय इस योजना से जुड़े हुए हैं, जहां 2 लाख 76 हजार 717 बच्चे नामांकित हैं और इनमें से 2 लाख 13 हजार 374 बच्चे नियमित रूप से एमडीएम का लाभ ले रहे हैं. दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 के दौरान विद्यालयों को कुल 10 हजार 005 क्विंटल खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया है.जिले में एमडीएम संचालन के लिए 1829 किचेन शेड कार्यरत हैं. कहां गया कि बच्चों को गुणवत्तायुक्त एमडीएम उपलब्ध कराया जाए. बैठक में आंगनबाड़ी केंद्रों और छात्रावासों में खाद्यान्न की स्थिति की भी समीक्षा की गई. बताया गया कि 06 माह से 06 वर्ष तक के बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से और 06 वर्ष से 14 वर्ष तक के बच्चों को विद्यालयों में पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. अल्पसंख्यक छात्रावास में वर्तमान में 54 छात्र रह रहे हैं, जबकि पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग द्वारा संचालित जननायक कपूरी ठाकुर छात्रावास में 47 बच्चों को नियमित रूप से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है.बिहार राज्य खाद्य निगम के जिला प्रबंधक ने जानकारी दी कि जिले में अब तक 52 हजार 378 टन धान की खरीद की जा चुकी है. सीएमआर प्राप्त होने के बाद 32 लॉट सीएमआर के एवज में पैक्स को 3 करोड़ 42 लाख रुपये की राशि का भुगतान किया जा चुका है और शेष भुगतान की प्रक्रिया भी जारी है. आयोग के अध्यक्ष प्रहलाद कुमार सरकार ने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन से बिहार में भुखमरी की समस्या काफी हद तक दूर हो चुकी है. सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से अब फोर्टिफाइड चावल का वितरण किया जा रहा है, जिससे लोगों को भोजन के साथ जरूरी पोषण भी मिल सके. उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम का मुख्य उद्देश्य आमजन को गरिमामय जीवन निर्वाह के लिए सस्ती दर पर पर्याप्त और गुणवत्तायुक्त खाद्यान्न उपलब्ध कराना है.उन्होंने सभी पदाधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, नियमित निरीक्षण और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया तथा कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. मौके पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी सीमा कुमारी, जिला प्रबंधक एसएफसी आसिफ इकबाल, सीवान सदर एसडीओ आशुतोष कुमार गुप्ता, महाराजगंज एसडीओ अनीता सिंहा, सहायक प्रबंधक अभिषेक कुमार, ऋतुराज, भूपेंद्र कुमार गौतम, कामाख्या नारायण, आशुतोष कुमार, सूरज कुमार मौजूद थे.

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