जन्म-मृत्य प्रमाणपत्र की रफ्तार बढ़ी, अक्तूबर तक 86% लक्ष्य पूरा
Author Prabhat khabar digital desk
Updated:
विज्ञापन

सीवान : देश की आर्थिक तरक्की से लेकर मानव विकास सूचकांक के जो राष्ट्रीय आंकड़े तैयार होते हैं उसका आधार जिला सांख्यिकी विभाग ही होता है जिसके भेजे गये गांव-गांव, घर-घर के हर आंकड़े को संयोजित करके विकास या अवरूद्ध विकास की गणना की जाती है. राष्ट्रीय स्तर पर जो आंकड़े तैयार होते हैं वह […]
विज्ञापन
सीवान : देश की आर्थिक तरक्की से लेकर मानव विकास सूचकांक के जो राष्ट्रीय आंकड़े तैयार होते हैं उसका आधार जिला सांख्यिकी विभाग ही होता है जिसके भेजे गये गांव-गांव, घर-घर के हर आंकड़े को संयोजित करके विकास या अवरूद्ध विकास की गणना की जाती है. राष्ट्रीय स्तर पर जो आंकड़े तैयार होते हैं वह पूरे देश के गांवों के औसत आंकड़े का प्रतीक होता है.सीवान जिले में जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की गति में तेजी आयी है. पहले जहां लक्ष्य का 50 फीसदी कार्य भी पूरा नहीं हो पाता था वह अब लगभग शत-प्रतिशत तक पहुंच गया है.
जिला सांख्यिकी पदाधिकारी रविरंजन राकेश ने बताया कि इस साल का हमारा लक्ष्य 94164 था जिसमें 78470 प्रमाण पत्र निर्गत हो चुके हैं या बनकर तैयार हैं. यह अक्टूबर तक का आंकड़ा है जो कुल लक्ष्य का 85.45 प्रतिशत बैठता है. जनवरी तक विभाग को 94164 का लक्ष्य हासिल करना है.
सांख्यिकी विभाग ने जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के लिए तीन इकाइयां बनायी है जिसके माध्यम से तेजी से आंकड़े तैयार हो रहे हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में पहली इकाई आंगनबाड़ी केंद्रों को बनाया गया है जिसमें 21 दिन तक के बच्चे के जन्म का रिकॉर्ड तैयार किया जा सकता है. दूसरी इकाई पंचायत सचिव कार्यालय है जहां 21 से 30 दिन तक के बच्चों के जन्म का रिकॉर्ड तैयार किया जाता है.
इसके ऊपर के उम्र के बच्चों जो एक माह से एक साल तक होंगे उनको रिकॉर्ड में लेने के लिए सांख्यिकी पर्यवेक्षक से अनुमति लेकर पंचायत प्रमाण पत्र तैयार कर सकता है और एक साल से ज्यादा उम्र के बच्चों के नाम दर्ज करने के लिए प्रखंड विकास पदाधिकारी से अनुमति लेनी पड़ती है. तीसरी इकाई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं जहां नवजात बच्चों का रिकॉर्ड उपलब्ध हो जाता है.
घर पर प्रसव कराने वाली महिलाओं के आंकड़ों को जुटाने की जिम्मेदारी आंगनबाड़ी को सौंपा गया है. ऑनलाइन व्यवस्था हो जाने के कारण सभी विभागों से प्राप्त आंकड़े को गणना कर्मी स्वयं ही राज्य सरकार के वेबसाइट पर अपलोड कर देते हैं. जिला सांख्यिकी विभाग के पास वही कागजात आते हैं जिसे कर्मियों ने पहले ही अपलोड कर दिया हो.
शहरी क्षेत्र में नगर परिषद या नगर पंचायत विभाग, रेफरल और सदर अस्पताल को इकाई बनाया गया है जहां से तुरंत आंकड़े उपलब्ध हो जाते हैं. अभी भी लोग जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में स्वयं कम ही रूचि दिखा रहे हैं इसलिए सांख्यिकी विभाग के कर्मी स्वयं इन इकाइयों में मौजूद रहकर अपना आंकड़ा जुटाते हैं.
हमारा कार्य आंकड़ा उपलब्ध कराना है
जिले में इसी तरह की गतिविधियों जो हमारे कार्य सूची में शामिल है का आंकड़ा उपलब्ध कराकर राज्य और केंद्र सरकार को उपलब्ध कराना है ताकि वे जनहित की नीतियां बनाते समय पिछड़े और कुपोषणग्रस्त जिलों-गांवों पर विशेष ध्यान दे सके.
रविरंजन राकेश, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, सीवान
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










