पीएचसी के पुराने भवनों में खुलेगा आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर
Updated at : 19 Nov 2019 12:58 AM (IST)
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सीवान : जिले के नौ पुराने पीएचसी भवन में आयुष्मान भारत कार्यक्रम के तहत आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की स्थापना को लेकर तैयारी शुरू कर दिया गया है. जिले के जिन पीएचसी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन बन गया है तथा पुराना पीएचसी का भवन स्पेयर हो गया है. उन पीएचसी के भवनों […]
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सीवान : जिले के नौ पुराने पीएचसी भवन में आयुष्मान भारत कार्यक्रम के तहत आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की स्थापना को लेकर तैयारी शुरू कर दिया गया है. जिले के जिन पीएचसी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन बन गया है तथा पुराना पीएचसी का भवन स्पेयर हो गया है.
उन पीएचसी के भवनों को स्वास्थ्य विभाग ने जिला देसी चिकित्सा पदाधिकारी को हैंड ओवर कर दिया देसी चिकित्सा निदेशालय ने मिले नौ पीएचसी के भवनों के जीर्णोद्धार का काम शुरू कर दिया है. स्वास्थ्य विभाग ने जिन पीएचसी के भवनों को हैंड ओवर किया है. उसमें पचरुखी, दरौंदा, भगवानपुर हाट, बसंतपुर, लकड़ी नबीगंज, बड़हरिया, गारेयाकोठी, हुसैनगंज तथा हसनपुरा पीएचसी शामिल है.
जर्जर भवनों का जीर्णोद्धार करेगा देसी चिकित्सा निदेशालय : जिले के नौ पीएचसी के भवनों को आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के लिए देसी चिकित्सा विभाग को मिलने के बाद राज्य देसी चिकित्सा निदेशालय ने पीएचसी के जर्जर भवनों के जीर्णोद्धार के लिए प्रयास शुरू कर दिया है. विभाग ने सभी नौ पीएचसी तथा जीरादेई स्थित देसी चिकित्सालय के भवन के संबंध में जिला देसी चिकित्सा पदाधिकारी से रिपोर्ट मांगा है.
जिले के ग्यासपुर स्थित देसी चिकित्सालय को पचरुखी पीएचसी, रघनाथपुर देसी चिकित्सालय को दरौंदा तथा बसंतपुर देसी चिकित्सालय को बसंतपुर पीएचसी भवन में स्थानांतरित कर दिया है. शेष छह पीएचसी के भवनों में भी शीघ्र आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर देसी चिकित्सा निदेशालय के द्वारा खोला जायेगा.
उपेक्षित जीरादेई देसी चिकित्सालय का बनेगा भवन : देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद के प्रयासों से ही जिले में देसी चिकित्सालयों की स्थापना हुई. स्वयं राजेंद्र बाबू भी तबीयत खराब होने पर देसी चिकित्सा पद्धति से इलाज कराते थे. उनके प्रयासों से जीरादेई में आयुर्वेद, रघुनाथपुर में आयुर्वेद, बसंतपुर में होमियोपैथ तथा सीवान शहर में सुनानी, आयुर्वेद तथा होमियो तीनों पैथों के इलाज के लिए जिला देसी संयुक्त अस्ताल की स्थापना वर्षों पहले हुई.
जीरादेई देसी चिकित्सालस का भवन राजेंद्र बाबू ने स्वयं अपनी जमीन में बनवाकर दिया था. आज भवन जर्जर होने के कारण विभाग ने भवन को ठीक कराने की जगह भाड़े के मकान में चला रहा है. भारत सरकार के आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोलने की घोषण के बाद जीरादेई देसी चिकित्सालय का भवन बनाने में विभाग ने दिलचस्पी लेनी शुरु कर दी है.
क्या कहते हैं जिम्मेदार
स्वास्थ्य विभाग द्वारा पुराने नौ पीएचसी के भवनों को देसी चिकित्सालयों को आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर खोलनें के लिए हस्तनांतरित किया गया है. भाड़े के मकानों में चल रहें तीन देसी चिकित्सालयों को पीएचसी में शिफ्ट किया गया है. भवनों का जीर्णोद्धार के लिए विभाग ने रिपोर्ट मांगा है.
डॉ. डीपी सिंह, जिला देसी चिकित्सा पदाधिकारी, सीवान
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