बेलसंड थाना क्षेत्र के भंडारी गांव में सोमवार की दोपहर आवारा कुत्तों के हमले से इलाके में दहशत फैल गई. घर के दरवाजे पर खेल रहे तीन वर्षीय मासूम आयुष कुमार पर एक आवारा कुत्ते ने अचानक हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया. कुत्ते ने मासूम के सिर, चेहरे और आंख को बुरी तरह नोच लिया है.परिजनों ने लाठी-डंडों से बचाया. मनोज राय का पुत्र आयुष घर के बाहर खेल रहा था, तभी कुत्ते ने उसे अपना शिकार बना लिया. बच्चे की चीख-पुकार सुनकर परिजन और स्थानीय लोग मौके पर दौड़े.ग्रामीणों ने लाठी-डंडों के सहारे कुत्ते को खदेड़ कर मासूम की जान बचाई.लहूलुहान हालत में बच्चे को तुरंत स्थानीय ग्रामीण चिकित्सक के पास ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने एसकेएमसीएच रेफर कर दिया.
एंटीरेबीज इंजेक्शन के लिए हुआ हंगामा
पीड़ित के पिता मनोज राय ने बताया कि जब वे घायल बच्चे को लेकर इमरजेंसी वार्ड पहुंचे, तो वहां मौजूद डॉक्टर के व्यवहार ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दीं. परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने यह कहकर पल्ला झाड़ने की कोशिश की कि “एंटीरेबीज इंजेक्शन दोपहर 2 बजे तक ही मिलता है, इसे कहीं और ले जाओ.इस बात को सुनकर परिजन उग्र हो गए और अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू हो गया.परिजनों के कड़े विरोध और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अंततः बच्चे को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया.फिलहाल मासूम आयुष का इलाज एसकेएमसीएच में चल रहा है.कुत्ते के हमले से चेहरे और सिर पर गहरे जख्म होने के कारण डॉक्टरों ने बच्चे के ऑपरेशन की बात कही है.
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