संसाधन: सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाइजेशन योजना के तहत स्थापित होगा आठ कस्टम हायरिंग सेंटर
Published by : VINAY PANDEY Updated At : 28 Jul 2025 7:05 PM
लघु व सीमांत किसानों को आधुनिक तकनीक से लैश करने के उद्देश्य से जिले में आठ कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना होगी.
डुमरा. लघु व सीमांत किसानों को आधुनिक तकनीक से लैश करने के उद्देश्य से जिले में आठ कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना होगी. चतुर्थ कृषि रोड मैप के अंतर्गत केंद्र प्रायोजित सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाइजेशन योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में किसानों को इस कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए चार लाख रुपये अनुदान निर्धारित किया गया हैं. कृषि विभाग में इसके लिए 30 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन प्राप्त किया जायेगा. विभाग ने जिले का जो लक्ष्य निर्धारित किया हैं उनमें सात सामान्य जाति व एक अनुसूचित जाति के लिए हैं. विभाग का मानना हैं कि कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना किये जाने से लघु, मंझोले व सीमांत किसान तक उन्नत कृषि यंत्र का पहुंच आसानी पूर्वक हो पाएगा व किसान उचित समय पर शष्य क्रियाओं का निष्पादन कर सकेंगे, जिससे कृषि के उत्पादन व उत्पादकता में काफी वृद्धि होगी.
–इन्हे करना हैं आवेदन, अहर्ता निर्धारित
कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना व क्रियान्वयन किसान, जीविका समूह, ग्राम संगठन, क्लस्टर फेडरेशन, आत्मा से संबद्ध फार्मर इंट्रेस्ट ग्रुप, नाबार्ड व राष्ट्रीयकृत बैंक से संबद्ध किसान क्लब, एफपीओ, एफपीसी, स्वयं सहायता समूह व वैसे पैक्स के माध्यम से कराया जायेगा. विभाग ने स्पष्ट किया हैं कि इसके लिए वहीं पैक्स अहर्ता रखेंगे जिन्हे सहकारिता विभाग से कृषि यंत्र या कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए चयन या अनुदान प्राप्त न हो.–इन क्रियाओ से संबंधित रखना हैं यंत्र
▪︎ खेत की जुताई से संबंधित यंत्र▪︎ फसल की बुआई से संबंधित यंत्र
▪︎ फसल की कटाई से संबंधित यंत्र
▪︎ फसल की दौनी या थ्रेसिंग से संबंधित यंत्र
–आवेदक के पास ट्रैक्टर होना अनिवार्य
उक्त योजना के तहत आवेदित यंत्रो को चलाने के लिए आवेदक के पास अपने नाम से चालू स्थिति में ट्रैक्टर होना अनिवार्य हैं. ट्रैक्टर उपलब्ध नहीं रहने की स्थिति में ट्रैक्टर लेना अनिवार्य किया गया हैं. विभाग के अनुसार 35 बीएचपी व इससे ऊपर के ट्रैक्टर पर अधिकतम 1.60 लाख रुपये अनुदान देय होगा.
–ऑनलाइन लॉटरी से होगा लाभुक का चयनइस योजना के तहत लाभुकों का चयन ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से किया जायेगा. प्राप्त आवेदनों का स्क्रूटनी के लिए जिला स्तर पर डीएओ की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया हैं. समिति द्वारा स्क्रूटनी के बाद योग्य आवेदकों को लॉटरी के लिए सहायक निदेशक (कृषि अभियंत्रण) के द्वारा ओेएफ़एमएएस सॉफ्टवेयर में अप्रूव किया जायेगा, फिर लॉटरी में चयनित लाभुकों को स्वीकृति पत्र निर्गत किया जायेगा.
–क्या कहते हैं अधिकारीइस वित्तीय वर्ष में आठ कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना होनी हैं. इसके लिए ऑनलाइन आवेदन प्राप्त किया जा रहा हैं. अहर्ता रखने वाले किसान व अन्य समूह अपनी सुविधानुसार कही से भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. सभी कृषि समन्वयक व किसान सलाहकारों को अधिक से अधिक आवेदन कराने के लिए निर्देशित किया गया हैं.
शांतनु कुमार, डीएओडिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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