12 प्रखंडों के 45 कालाजार प्रभावित गांवों के 90433 घरों में छिड़काव शुरू

Published by : VINAY PANDEY Updated At : 21 Jul 2025 7:29 PM

विज्ञापन

जिला में कालाजार उन्मूलन के क्षेत्र में बहुत अच्छा काम हुआ है, लेकिन हमें आत्ममुग्ध होने की आवश्यकता होने की आवश्यकता नहीं है.

विज्ञापन

सीतामढ़ी. जिला भीबीडी नियंत्रण कार्यालय के प्रांगण में सोमवार को डीएम रिची पांडे, सीएस डॉ अखिलेश कुमार, जिला भीबीडी पदाधिकारी डॉ रविन्द्र कुमार यादव, जोनल कॉर्डिनेटर डब्लूएचओ डॉ माधुरी देवराजू और पिरामल स्वास्थ्य के जिला प्रबंधक प्रभाकर कुमार द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कालाजार नियंत्रणार्थ द्वितीय चक्र छिड़काव कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया. डीएम ने कहा कि जिला में कालाजार उन्मूलन के क्षेत्र में बहुत अच्छा काम हुआ है, लेकिन हमें आत्ममुग्ध होने की आवश्यकता होने की आवश्यकता नहीं है. क्योंकि वेक्टर जनित रोग कभी भी अपना पैर पसार सकते हैं .अतः हमें इससे बचाव हेतु सतत प्रयत्नशील रहना चाहिए. उन्होंने निर्देश दिया कि सभी आशा छिड़काव के दो दिन पूर्व अपने क्षेत्र के गृहस्वामी को छिड़काव तिथि की जानकारी देंगे. भीबीडी पदाधिकारी डॉ रविन्द्र कुमार यादव ने बताया कि जिला कालाजार उन्मूलन के क्षेत्र में अग्रणी है और वर्ष 2018 में ही कालाजार उन्मूलन के लक्ष्य (प्रखंड स्तर पर प्रति दस हजार की आबादी पर एक से कम रोगी) को प्राप्त कर लगातार सात वर्षों से न केवल उन्मूलन की स्थिति बरकरार रखा है. अपितु प्रतिवर्ष 40-50 प्रतिशत की दर से रोगियों की संख्या में कमी हो रही है. वर्ष 2020 में जिला में कालाजार के 61, वर्ष 2021 में 39, वर्ष 2022 में 17, वर्ष 2023 में 09 एवं वर्ष 2024 में 07 मरीज प्रतिवेदित हुए है.

–चालू वर्ष में अब तक मिले मात्र एक मरीज

वर्ष 2025 में जनवरी से अब तक मात्र 01 रोगी मिले है, जिनका इलाज पूरा हो गया है. इसके लिए सभी पीएचसी में निःशुल्क जांच एवं इलाज की सुविधा उपलब्ध है. सदर अस्पताल, सुरसंड सीएचसी तथा पुपरी सीएचसी में लाइपोसोमल एम्फोटेरेसिन ‘बी’ इंजेक्शन के एकल खुराक के द्वारा इलाज की विशेष व्यवस्था है तथा पीकेडीएल का मिलटेफ़ोसिन कैप्सूल द्वारा इलाज की व्यवस्था सभी प्राथमिक/सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध है. मरीजों के त्वरित उपचार के बाद मुख्यमंत्री कालाजार राहत योजना से 6600 रु तथा भारत सरकार की ओर से 500 रु प्रति मरीज श्रम क्षतिपूर्ति का लाभ दिया जाता है. पीकेडीएल मरीज के इलाज के बाद 4000 रुपया प्रति मरीज दिया जाता है. सीएस डॉ अखिलेश कुमार ने अपने संबोधन में वेक्टर जनित रोग नियंत्रण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हेतु जिला भीबीडी नियंत्रण पदाधिकारी तथा उनकी टीम द्वारा किए गए कार्यों की सराहना की. कहा कि आज से 60 कार्यदिवस में 28 छिड़काव दलों द्वारा 12 प्रखंडों के 45 कालाजार प्रभावित गांवों के 90433 घरों में छिड़काव कराया जाएगा. जिससे 504779 की आबादी आच्छादित होगी. मौके पर छिड़काव कर्मियों तथा आशा कार्यकर्ता के अतिरिक्त पीएचसी डुमरा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अक्षय कुमार, डीपीएम आसित रंजन, बीएचएम अनुपमा कुमारी, भीडीसीओ प्रिंस कुमार, भीडीसीओ पवन कुमार, एफएलए रजनीश कुमार, भीबीडीएस राकेश कुमार, शिवशंकर प्रसाद, नवीन कुमार, बीएचआई राजू रमन सिंह, लिपिक राजू रंजन, राजीव रंजन कुमार, पिरामल स्वास्थ्य के प्रोग्राम लीड रोहित कुमार एवं अन्य लोग मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
VINAY PANDEY

लेखक के बारे में

By VINAY PANDEY

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन